नई दिल्ली, हि.स.। जल सुरक्षा के दृष्टिकोण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय जल मिशन “वाटर विजन @2047- आगे का रास्ता- पर अखिल भारतीय सचिव सम्मेलन” 23-24 जनवरी को महाबलीपुरम में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाटर विजन @2047 की शुरुआत हुई थी।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत होंगे शामिल
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि महाबलीपुरम, चेन्नई (तमिलनाडु) में आयोजित होने वाले सम्मेलन का उद्देश्य जल पर प्रथम अखिल भारतीय वार्षिक राज्य सरकार मंत्री सम्मेलन के दौरान केंद्र और राज्यों द्वारा सुझाई गई 22 संस्तुतियों पर विचार करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना और की गई कार्रवाई की समीक्षा करना है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरई मुरूगन इस दो दिवसीय सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श में भाग लेंगे। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय की एक फिल्म – “फॉर ए वॉटर सिक्योर फ्यूचर” और “जल शक्ति अभियान: कैच द रेन – ए जर्नी” नामक पुस्तक जारी की जाएगी।
पानी से संबंधित मुद्दों पर होगी विशेष चर्चा
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पानी को एक महत्वपूर्ण उपयोगी वस्तु के रूप में स्वीकार करते हुए और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को पहचानते हुए जल पर राज्य मंत्रियों का पहला अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन 5 और 6 जनवरी को भोपाल में आयोजित किया गया था। कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य राज्यों और मंत्रालयों के साथ भागीदारी की तलाश करना और उसे मजबूत करना था। इसके साथ पानी से संबंधित मुद्दों पर समग्र और इंटर डिसिप्लीनरी दृष्टिकोण के साथ एकीकृत तरीके से एक बहुमूल्य संसाधन के रूप में पानी का प्रबंधन करने के लिए एक साझा दृष्टिकोण प्राप्त करना था। इस सम्मेलन के विचार-विमर्श का परिणाम 22 संस्तुतियां थीं। इन संस्तुतियों से निकलने वाले पांच महत्वपूर्ण विषयों- जल प्रशासन और जल गुणवत्ता, जलवायु लचीलापन और नदी स्वास्थ्य, जल उपयोग दक्षता, जल भंडारण और जन भागीदारी महाबलीपुरम सम्मेलन में प्रमुखता से रहेंगे।
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