
नई दिल्ली, (हि.स.)। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार गंगा जल पर 18 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) वसूल रही थी। जब कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया तो सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया और भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि गंगा जल पर कोई जीएसटी नहीं वसूला जा रहा है, जबकि यह बात पूरी तरह झूठ थी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे उठाया था मामला
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 12 अक्टूबर को गंगा जल पर जीएसटी का मामला उठाया। उसके बाद मोदी सरकार ने इस बात को खारिज कर दिया और कहा कि गंगा जल पर सरकार कोई जीएसटी नहीं ले रही है लेकिन यह बात पूरी तरह झूठ थी।
भाजपा प्रवक्ता और उनके लोग झूठ बोल रहे- सुप्रिया
सुप्रिया ने कहा कि भाजपा के प्रवक्ताओं, ट्रोल आर्मी ने कहा कि 'गंगा जल पर कोई जीएसटी नहीं है, क्योंकि वो पूजा सामग्री में आता है।' मीडिया ने भी इस झूठ को सच मानकर चला दिया जबकि मोदी सरकार, भाजपा प्रवक्ता और उनके लोग झूठ बोल रहे थे। गंगाजल पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया था। कांग्रेस ने जब यह मुद्दा उठाया तो उसके बाद गंगा जल से जीएसटी हटाया गया।
सरकार ने पवित्र गंगा जल पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया है
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 12 अक्टूबर को एक बयान में कहा था कि सरकार को चाहिए कि गंगा जल पर लगे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को हटाए। आम भारतीय के जन्म से लेकर उसकी जीवन के अंत तक मोक्षदायिनी मां गंगा का महत्व बहुत ज़्यादा है। सरकार ने पवित्र गंगा जल पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया है। एक बार भी नहीं सोचा कि जो लोग अपने घरों में गंगाजल मंगवाते हैं, उन पर इसका बोझ क्या होगा। इस मुद्दे पर सरकार को गौर करना चाहिए।
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