नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एयर इंडिया ने अपने कुछ केबिन क्रू मेम्बर्स को फायर कर दिया है। इसमें वो केबिन क्रू शामिल है जो बुधवाक को सिक लीव पर जबरन गया था, जिसके कारण एयर लाइन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही उनके इस बर्ताव की वजह से कम से कम 86 उड़ानें रद्द कर दी गईं और कम फ्लाइट उड़ पाईं। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि टर्मिनेशन लेटर बुधवार देर रात जारी किए गए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कितने कर्मचारियों को फायर किया गया है।
क्या कहा गया टर्मिनेशन लेटर में
टर्मिनेशन लेटर में लिखा है कि केबिन क्रू का 7 मई को होने वाली उड़ाने के लिए रोस्टर तैयार कर दिया गया था। लेकिन आखिरी समय में शेड्यूलिंग टीम को सूचित किया गया कि क्रू मेम्बर्स बीमार है और वह काम पर नहीं आ सकते। साथ ही बताया गया कि उसी समय के आसपास बड़ी संख्या में अन्य केबिन क्रू मेम्बर्स ने भी बीमार होने की सूचना दी। यह साफ तौर से इस ओर इशारा करता है कि यह मास लीव एक साजिश के तहत ली गई थी। इस मास लीव के कारण एयनलाइन को भारी नुकसा उड़ाना पड़ा साथ ही साथ यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्या कहना है एयरलाइन के सीईओ का
कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में, एयर इंडिया एक्सप्रेस के सीईओ आलोक सिंह ने कहा कि इस तरह से हड़ताल की साजिश करीब 100 कर्मचारियों द्वारा की गई थी। जिसके कारण 90 से अधिक उड़ानों पर प्रभाव पड़ा। कई उड़ाने रद्द करनी पड़ी तो कई उड़ानों में देरी हुई। सिंह ने कहा कि इस तरह की हरकत कंपनी के 2,000 से अधिक सभी केबिन क्रू के काम करने के तरीके को नहीं दर्शाती है। इस मास लीव के बाद भी कई मेम्बर्स जो ड्यूटी करने के लिए मौजूद रहे। उन्होंने अपनी ड्यूटी करने हुए सभी यात्रियों का सम्मान के साथ स्वागत किया और अपना पूरा काम किया।
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