नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सर्दियों की दस्तक के साथ दिल्ली–एनसीआर में हवा एक बार फिर ज़हर घोलने लगी है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुँच गया है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सांस से जुड़ी बीमारियोंखासकर अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और एलर्जीका खतरा बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों ने साफ चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।ऐसे में अपने फेफड़ों और परिवार की सेहत के लिए तुरंत ये पाँच उपाय अपनाना बेहद ज़रूरी है।
1. घर के भीतर बनाएँ ‘सेफ ज़ोन’
जब बाहर की हवा जहरीली हो, तो घर में धूल-प्रदूषण को रोकना बेहद ज़रूरी है।खिड़कियाँ–दरवाज़े बंद रखें, ताकि प्रदूषित हवा अंदर न आ सके।एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। यह घर की हवा में मौजूद हानिकारक कणों को काफी हद तक कम करता है।
2. आउटडोर एक्सरसाइज को फिलहाल रोकें
प्रदूषण के समय बाहर दौड़ना या जॉगिंग करना फेफड़ों पर अतिरिक्त बोझ डालता है।योग, स्ट्रेचिंग, स्किपिंग या होम-वर्कआउट जैसे इनडोर विकल्प अपनाएँ।विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण में तेज़ सांसें लेने से शरीर ज्यादा ज़हरीली हवा अंदर खींचता है।
3. मास्क पहनना बिल्कुल न भूलें
बाहर निकलते समय N95 / KN95 मास्क का इस्तेमाल करें।ये सूक्ष्म कणों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम करते हैं।साधारण कपड़े के मास्क प्रदूषण से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।
4. रोज़ाना AQI की निगरानी करें
अपने इलाके की एयर क्वालिटी पर नजर रखना ज़रूरी है।मोबाइल ऐप, समाचार चैनल या सरकारी प्लेटफॉर्म से AQI अपडेट चेक करते रहें।इससे आप तय कर पाएँगे कि बाहर जाना सुरक्षित है या नहीं।
5. खानपान से बढ़ाएँ फेफड़ों की प्रतिरोधक क्षमता
प्रदूषण के असर से निपटने के लिए शरीर को अंदर से मजबूत होना चाहिए।हरी सब्जियाँ, मौसमी फल, नट्स, दालें, हेल्दी फैट, और ग्रीन टी फेफड़ों की प्राकृतिक सुरक्षा बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं।पर्याप्त पानी पिएँ और तला-भुना कम खाएँ।
क्यों सावधानी ज़रूरी?
लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और बच्चों–बुजुर्गों में श्वसन रोगों का खतरा बढ़ जाता है।ऐसे में समय रहते अपनाई गई छोटी-छोटी सावधानियां ही आपको इस जहरीली हवा से बचाए रख सकती हैं।





