नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर आज छापामार कार्रवाई की है। सीबीआई की टीम सुबह-सुबह पूर्व सीएम के भिलाई और रायपुर स्थित आवास पर पहुंची। यह कार्रवाई महादेव बेटिंग ऐप मामले में की गई है, जिसमें हजारों करोड़ की ठगी की गई थी। अब इस मामले में ईडी के बाद सीबीआई ने एंट्री की है।
बघेल के कार्यालय से पोस्ट जारी
इस संबंध में पूर्व सीएम बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि “अब CBI आ गई है। आगामी 8 और 9 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद में होने वाली AICC की बैठक के लिए गठित “ड्राफ़्टिंग कमेटी” की मीटिंग के लिए आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। उससे पहले ही CBI ने रायपुर और भिलाई स्थित निवास पर छापा मार दिया है।
अभी कोई अन्य जानकारी नहीं मिली है।
वहीं अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की टीमों ने रायपुर और भिलाई में बघेल के आवास के साथ-साथ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पूर्व मुख्यमंत्री के एक करीबी सहयोगी के घरों पर भी छापे मारे हैं। सीबीआई की ओर से हालांकि अभी कोई अन्य जानकारी नहीं मिली है।
भाजपा ने बघेल से डरकर छापा मारा
इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने बघेल से डरकर यह छापेमार कार्रवाई की है। सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जांच का जिम्मा संभाला है। इससे पहले छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस नेता बघेल, ऐप के प्रमोटरों रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी और अनिल कुमार अग्रवाल और 14 अन्य को अपनी FIR में नामजद किया था। मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के कई शीर्ष राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता का पता चला है।
6 हजार करोड़ के घोटाले का अनुमान
ईडी का दावा है कि यह ऐप एक व्यापक सिंडिकेट है, जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों के लिए उपयोगकर्ताओं की आईडी बनाने और ‘बेनामी’ बैंक खातों के माध्यम से धन शोधन के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की व्यवस्था करता है। ईडी ने पहले कहा था कि कथित घोटाले की अनुमानित राशि लगभग 6,000 करोड़ रुपये है।





