नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ED ने सोमवार (10 मार्च) को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के घर पर छापा मारा। यह रेड उनके भिलाई स्थित आवास पर की गई। ED की यह कार्रवाई आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों को लेकर की जा रही है।
14 ठिकानों पर ED की छापेमारी
भूपेश बघेल के बेटे के घर के अलावा छत्तीसगढ़ में कुल 14 अलग-अलग लोकेशनों पर छापेमारी चल रही है। ED का यह सर्च ऑपरेशन छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें 2161 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। इससे पहले इस मामले में कई अधिकारियों और एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2018-2023) के दौरान शराब घोटाले के अलावा महादेव सट्टा ऐप स्कैम और कोल लेवी घोटाले में भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। कोल लेवी स्कैम में 570 करोड़ रुपये के हेरफेर का दावा किया गया था। इन आरोपों के चलते कांग्रेस को 2023 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।
ED की कार्रवाई पर भूपेश बघेल का बयान
छापेमारी को लेकर भूपेश बघेल ने इसे षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा कि सात साल से चले आ रहे झूठे मामलों को जब अदालत ने खारिज कर दिया, तो अब ED उनके निवास पर आ गई है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया और कहा कि इस कार्रवाई से कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
क्या करते हैं भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य?
चैतन्य बघेल रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े हैं और उन्हें खेती का भी शौक है। उनकी कई तस्वीरें खेतों से भी सामने आई हैं। तीन साल पहले उनकी शादी ख्याति बघेल से हुई थी, जो एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। ED की इस छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस कार्रवाई को बदले की राजनीति बता रही है, जबकि बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूरी कदम करार दिया है।




