दंतेवाड़ा आतंकी हमले के शहीदों पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण : पूर्व सीएम रमन सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक क्या स्थिति थी वो जनता को याद है। जब सरगुजा में दिन में निकलना कठिन हो जाया करता था, किस प्रकार पूरा बस्तर प्रभावित था।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

रायपुर, एजेंसी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि दंतेवाड़ा की नक्सल घटना प्रदेश के लिए बहुत ही दुखद और कठिन समय है। छत्तीसगढ़ के 11 परिवारों के घर में मातम छाया हुआ है। उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं किसी परिवार ने अपना बेटा, भाई और किसी ने पति खोया है। ऐसे शोक के क्षण में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनीति कर रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

अपनी बहादुरी से छत्तीसगढ़ के जवान पहले भी लड़ते थे

उन्होंने गुरुवार को जारी अपने बयान में कहा कि पहले और आज की स्थिति की तुलना नहीं हो सकती। शहादत तो शहादत होती है। अपनी बहादुरी से छत्तीसगढ़ के जवान पहले भी लड़ते थे और आज भी लड़ते हुए बलिदान हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों की तुलना नहीं की जा सकती और ना ही पुलिस के शौर्य को तौला जा सकती है।

पुलिस जवान के साहस एवं शौर्य की वजह से बदलाव आया

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर से सरगुजा तक क्या स्थिति थी वो जनता को याद है। जब सरगुजा में दिन में निकलना कठिन हो जाया करता था, किस प्रकार पूरा बस्तर प्रभावित था। आज जो परिस्थिति में बदलाव आया है, वह हमारी पुलिस जवान के साहस एवं शौर्य की वजह से बदलाव आया है। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा के अरनपुर में नक्सलियों द्वारा किये गए आईईडी ब्लास्ट पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बयान दिया है कि हमारे जवान लड़ते हुए बलिदान हुए । पहले कैंप में बिना लड़े बलिदान हो जाते थे।