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Tuesday, March 17, 2026
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गेहूं की खरीद प्रक्रिया सुस्त होने से किसानों का चेहरे मुरझाए

बक्सर 06 जून (हि.स.)। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानो से सीधे गेहूं अधिप्राप्ति कि अंतिम तिथि 15 जून तक ही निर्धारित है।तिथि के नजदीक आते ही किसानो के चेहरे मुरझाने लगे है। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान सरकारी निर्देशानुसार 106 समितियों समेत पांच व्यापार मंडल के माध्यम से जिले के किसानो से गेंहू खरीद कि जा रही है।सहकारिता विभाग का कहना है कि पांच जून तक 1475 किसानो से 8919 .755 क्विंटल गेहू कि अधिप्राप्ति की गई है।1975 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य पर।जबकि लक्ष्य 28 हजार मैट्रिक टन का है। इस बार केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी बाजार भाव से अधिक है।अतः अधिक से अधिक किसान सरकारी माध्यमों से ही सीधे सरकारी एजेंसियों को गेहूं बेचने को आतुर दिख रहे है पर राह में कई अड़चनें है, क्यूकि खरीद प्रक्रिया सुस्त है। एक तो राज्य खाद्य निगम के गोदामों के भरे होने समेत व्यापार मंडल तथा समितियों के पास गोदामों कि किल्लत किसानो से गेहू अधिप्राप्ति को लेकर परेशानिया उत्पन्न कर रही है एसएफफ़सी के जिला प्रबंधक डीके प्रभाकर के हवाले से बताया गया की एक जून से चार जून तक एसएफसी के गोदामों के बाहर गेहू अनलोड होने के लिए ट्रक कतार में खड़े है ,पर जगह ना होने से हम लाचार है।मौसम के तेवर को देखते हुए हम खुले में गेहू रख भी नही सकते।कमोवेश यह स्थिति व् समस्या समितियों के समक्ष भी है। स्थानीय किसान धनसोई प्रखंड के खरहना गांव निवासी राघव सिंह इटाढ़ी प्रखंड के खनिता गांव निवासी भरत मिश्रा बक्सर सदर प्रखंड स्थित कृतपुरा गांव निवासी प्रशांत राय समेत अनेको किसान का मानना है कि केंद्र की नई कृषिनिति अधिक से अधिक भंडारण क्षमता को प्रश्रय देने का है।जो किसान के हित में है।बीते दौर में सरकारों द्वारा भंडारण क्षमता पर ध्यान ना दिए जाने से अनाजो के बर्बाद होने कि सूचनायें आती ही रहती थी।उचित व प्रयाप्त भंडारण क्षमता के बूते ही लोडिंग और अनलोडिंग के कार्यो में तेजी आएगी और बगैर बजारी महाजनों के पास गये हम अपनी फसलो को सरकारी भाव से सरकार के पास बेच सकते है। हिन्दुस्थान समाचार /अजय मिश्रा

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