बक्सर 19 जून (हि.स.)।जिले के किसानों ने पहली बार सरकार से सीधे अनुबंध कर प्याज की खेती की थी। बिहार राज्य उद्दयानिक उत्पाद विकास कार्यक्रम (फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड) के अधीन यह खेती की गई थी।सरकार के मातहत कार्यक्रमों के तहत बसौली,मुंगासी ,करुअज,कुन्दरिया,रजडीहा,कसिया ,अटाव (डुमरांव अनुमंडल ) खनिता ,बसाव ,इटाढ़ी ,धनसोई (बक्सर अनुमंडल) के 160 किसानो द्वारा 300 एकड़ में परम्परागत खेती से हटकर प्याज की खेती की गई थी।इसको लेकर प्याज भंडारण के लिए रजडीहा गांव में भंडारण केंद्र भी बनाया जा रहा है ,जिसमे उत्पादित प्याज का समुचित रख रखाव हो सके। ताउते के बाद यास तूफान के कारण हुई बारिश और अब समय से पहले मानसून का सक्रिय होना प्याज उत्पादक किसानो के रही सही कसर को पूरा कर दिया।एक लम्बे अंतराल से खेतों में पानी के जल जमाव में तैयार प्याज की फसल पानी में डूब जाने से फसले सड़ गई है। फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सचिव पुतुल पाण्डेय का भी मानना है कि लागातार हुई बरसात से कांटेक्ट खेती के तहत किए गए प्याज की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है।किसान अपनी फसलों का लागत मूल्य भी नही निकाल सकते है।प्याज की खेती करने वाले किसानों के बदहाली को देखते हुए नुकसान भरपाई के लिए मुआवजे के लिए उद्यान विभाग से पत्राचार किया गया है। पीड़ित किसानों का कहना है कि सरकार के प्रति हमे कोई शिकायत नहीं है। सरकार की नियत किसानों के हित में है,पर किस्मत के साथ ही प्राकृति जुआ खेल जाए तो क्या किया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार /अजय मिश्रा





