नई दिल्ली, रफ्तार। ईरान के कट्टरपंथी नेता एवं राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत की खबरें हैं। देश में मातम पसरा है। हजारों लोग रईसी की सलामती की दुआ कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें ‘तेहरान का कसाई’ कहा जाता था। रईसी को ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खुमैनी के सबसे करीबी थे। देश में खुमैनी के बाद इब्राहिम रईसी देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता के रूप में जाने जाता था। इब्राहिम रईसी ने फिलिस्तीन और इजरायल युद्ध के दौरान मध्य पूर्व के ईरान के प्रभाव को विस्तार देने को काफी काम किए थे। इब्राहिम रईसी के कारण हालमें ईरान युद्ध के कगार पर खड़ा था।
राजनीतिक विरोधियों को लटकाया गया था फांसी पर
दरअसल, साल 1988 में राजनीतिक विरोधियों के सफाए को 4 सदस्यीय एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में इब्राहिम रईसी भी थे। कमेटी को ईरान में ‘Death Committee’ भी कहा जाता था। 19 जुलाई 1988 के बाद 5 महीने तक राजनीतिक कैदियों को फांसी देने का सिलसिला जारी रहा था। करीब 5 हजार राजनीतिक विरोधियों को फांसी पर लटकाया गया था। फांसी पर लटकाए गए लोगों में अधिकांश लोग पुल्स मुजाहिदीन संगठन के समर्थक थे। इसी दौरान इब्राहिम रईसी को ‘तेहरान का कसाई’ कहा जाता था।
हिजाब कानून तोड़ने पर कई महिलाओं को लटकाया था फंदे पर
इब्राहिम रईसी ने अपने कार्यकाल में हिजाब और पवित्रता कानून को सख्ती से लागू कराया गया थे। हिजाब कानून के तोड़ने पर कई महिलाओं को मौत की सजा दे दी थी। रईसी के कार्यकाल में बच्चों को फांसी पर लटकाया गया था। इतना ही नहीं प्रमुख मानवाधिकारों वकीलों को कैद की सजा दी गई थी। 2019 में अमेरिका ने रईसी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
महिलाओं की शादी की उम्र 13 साल से घटाकर 9 साल कर दी थी
रईसी इस्लामिक कानून के गहरे जानकार थे। उन्होंने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सरकार में उनका उदय हुआ था। देश में राजशाही के खत्म होने के बाद कट्टर इस्लामी या शरिया कानून पर आधारित नई राजनीतिक व्यवस्था बनने लगी थी। तब रईसी बड़े नेता के रूप में उभरे थे। रईसी के शासन में महिलाओं की शादी की उम्र 13 साल से घटाकर 9 साल की गई थी।
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