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Sunday, March 8, 2026
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यमन में केरल की नर्स को क्यों मिली फांसी की सजा? अब ब्लड मनी देकर कैसे हो सकती है रिहाई? जानें सब

Blood Money: दियाह जिसे ब्लड मनी भी कहा जाता है, इसके अनुसार अपराध के पीड़ित दोषी के परिवार से एक तय राशि लेकर अपराधी को माफ कर सकते हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारत सरकार ने यमन में फंसी केरल की नर्स निमिषा प्रिया को फांसी से बचाने के लिए ब्लड मनी देने का फैसला किया है। निमिषा पर यमन के नागरिक की हत्या करने के आरोप हैं। निमिषा को यमन में हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई है। यमन के कानून के अनुसार अगर पीड़ित परिवार ब्लड मनी लेने के लिए तैयार हो जाता है तो निमिषा प्रिया को फांसी से बचाया जा सकता है। 

दियाह जिसे ब्लड मनी भी कहा जाता है

यमन एक इस्लामिक देश है, इसके कानून के अनुसार अपराध के पीड़ितों को दोषियों की सजा तय करने का पूरा अधिकार होता है। यमन के कानून के अनुसार दंड के दो विकल्प दिए गए हैं। पहला क़िसास और दूसरा दियाह। क़िसास के द्वारा अपराध के पीड़ित दोषियों को मौत की सजा दिला सकते हैं। वहीं दियाह जिसे ब्लड मनी भी कहा जाता है, इसके अनुसार अपराध के पीड़ित दोषी के परिवार से एक तय राशि लेकर अपराधी को माफ कर सकते हैं। 

निमिषा को फांसी की सजा से बचाने के लिए उनके परिवार ने सेव निमिषा प्रिया एक्शन काउंसिल को बनाया है। इस काउंसिल अनुसार निमिषा की रिहाई की बातचीत शुरू करने के लिए यमन में पहले 40,000 डॉलर देने होंगे, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत 33.38 लाख रुपए है। निमिषा प्रिया की सजा को खत्म करने के लिए इसके बाद उनके परिवार को 3 से 4 लाख डॉलर का भुगतान यमन में करना होगा। जो सीधे अपराध के पीड़ित परिवार को दिया जायेगा। 

जिसके बाद अथॉरिटीज निमिषा की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं देती है

निमिषा प्रिया पेशे से एक नर्स हैं। वह रोजगार के सिलसिले में अपने परिवार के साथ एक दशक पहले यमन गई थी। निमिषा ने यमन के नागरिक तलाल अब्दो मेहदी के साथ मिलकर एक अस्पताल की शुरुआत की। वहीं निमिषा के पति और बेटी ने वर्ष 2014 में भारत वापस लौटने का फैसला किया और अपने वतन लौट आए। लेकिन अपने रोजगार की चक्कर में निमिषा यमन में ही रही। कुछ समय बाद किसी बात को लेकर निमिषा का तलाल अब्दो मेहदी के साथ विवाद शुरू हो जाता है। वह निमिषा का पासपोर्ट भी छीनकर अपने पास रख लेता है। निमिषा इसकी शिकायत यमन की संबंधित अथॉरिटीज से करती है। लेकिन तलाल अथॉरिटीज को बताता है कि निमिषा उसकी पत्नी है। जिसके बाद अथॉरिटीज निमिषा की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं देती है। 

भारत सरकार भी निमिषा की मदद के लिए यमन सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं

इसके बाद निमिषा को यमन से वापस भारत आने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता होती है। जिसके लिए निमिषा ने जुलाई 2017 में तलाल को बेहोशी का इंजेक्शन देने की योजना बनाई। लेकिन उस इंजेक्शन की डोज के कारण तलाल की मौत हो जाती है। जिसके बाद निमिषा ने अपने एक साथी की मदद से तलाल के शव को कहीं छिपा दिया था। लेकिन यमन पुलिस की जांच में मामले का पूरा खुलासा हो जाता है। जिसके बाद पुलिस द्वारा निमिषा को गिरफ्तार कर लिया जाता है और उसको फांसी की सजा सुनाई जाती है। वहीं निमिषा के साथी को इस मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। लेकिन अब अपराध के पीड़ित परिवार ब्लड मनी लेने को तैयार हो गए हैं। भारत सरकार भी निमिषा के परिवार को मदद देने के लिए यमन सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं। 

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