नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने बढ़ते Mpox मामलों को देखते हुए फिर से इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कनसर्न घोषित किया है। WHO का कहना हैं कि Mpox पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी का निर्णय खासतौर पर क्लेड IEB वैरिएंट के फैलाव के कारण लिया गया है जो पहले Democratic Republic of Congo से फैलकर अब अन्य अफ्रीकी देशों, यूरोप, और एशिया में भी पहुंच चुका है।
अगस्त 2023 में पहली बार Mpox को लेकर इमरजेंसी घोषित की गई थी जब इसका नया वैरिएंट सामने आया था। चलिए आपको बताते हैं कि क्या है Mpox और यह कितना खतरनाक हो सकता है?
क्या है Mpox?
Mpox, जिसे Monkey Pox भी कहा जाता है। Mpox एक वायरल संक्रमण है जो निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है। इसके लक्षणों में फ्लू जैसे दर्द और फुंसीदार घाव शामिल होते हैं। आमतौर पर यह हल्का होता है लेकिन गंभीर मामलों में मौत भी हो सकती है।
अफ्रीका में सबसे ज्यादा Mpox के मामले
इस साल अफ्रीका में 46,000 से अधिक मामले सामने आए हैं खासकर कांगो में जिनमें से 1,000 से ज्यादा मौतें हुई हैं। पिछले महीने की WHO के आकड़ो के मुताबिक, नाइजीरिया में Mpox के 94 मामले सामने आए थे मगर किसी की मृत्यु नहीं हुई। नाइजीरियां ने अगस्त में 10,000 तक वैक्सीन लगाए गए हैं।
वैक्सीनेशन और WHO की कोशिशें
Mpox के बढ़ते मामलों को देखते हुए WHO ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की दिशा में कदम उठाए हैं। बवेरियन नॉर्डिक के Mpox वैक्सीनेशन को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और हाल ही में जापान के एक वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए लिस्टेड किया गया है। हालांकि टीकाकरण में थोड़ी देरी पर WHO को आलोचना का सामना करना पड़ा है।
वैश्विक सहयोग की जरूरत
WHO ने सभी देशों और स्वास्थ्य संगठनों से टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने और वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने की अपील की है।





