नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। सोमवार (22 दिसंबर, 2025) को हर्टी स्कूल में संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र पर लगातार हमला हो रहा है और देश की संवैधानिक संस्थाएं अपना काम स्वतंत्र रूप से नहीं कर पा रही हैं।
चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने कई बार चुनावों की निष्पक्षता का मुद्दा उठाया है, लेकिन संस्थाओं की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव जीत दर्ज की, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने कहा,
“मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ दिखाया कि हरियाणा में हम चुनाव जीत चुके थे और महाराष्ट्र में चुनाव निष्पक्ष नहीं थे।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए हरियाणा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एक ब्राजील की महिला का नाम हरियाणा की वोटर लिस्ट में 22 बार दर्ज पाया गया, लेकिन इस पर चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया, “एक महिला एक ही बूथ पर 200 बार वोट डालती है, लेकिन चुनाव आयोग चुप रहता है। इससे साफ है कि भारत की चुनावी व्यवस्था में गंभीर समस्या है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की खुफिया और जांच एजेंसियों को राजनीतिक हथियार बना दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल मुख्य रूप से बीजेपी के राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर कोई बड़ा व्यापारी कांग्रेस का समर्थन करता है, तो उसे धमकाया जाता है और जांच एजेंसियां उसके पीछे लगा दी जाती हैं।
संस्थाओं पर कब्जे का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश की संस्थागत संरचना पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया है। बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस स्थिति से डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा,“हम रास्ता निकालेंगे, हम मुकाबला करेंगे। हमारी लड़ाई सिर्फ बीजेपी से नहीं, बल्कि भारतीय संस्थाओं पर बीजेपी के कब्जे के खिलाफ है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बीजेपी इस पर पलटवार कर सकती है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई का हिस्सा बता रही है।





