नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 सितंबर 2024 से दो दिन की यात्रा पर सिंगापुर के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 सितंबर 2024 को भारत और सिंगापुर के बीच हुए समझौतों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर में बिजनेस लीडर्स के साथ भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर में अपने संबोधन में कहा कि हम ग्लोबल वॉर्मिंग पर अपनी संवेदना नहीं दे रहे हैं, बल्कि उसका समाधान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात ग्लोबल वॉर्मिंग पर नियंत्रण करने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए की है।
हम ग्लोबल वार्मिंग को एक चुनौती की तरह लेते हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि उर्जा से जुड़े हुए ऐसे कितने ही क्षेत्र हैं, जहां ग्रीन जॉब्स की संभावनाओं से मना नहीं किया जा सकता है। हमने इसको लेकर पूरी दुनिया से वादा किया है। हम ग्लोबल वार्मिंग को एक चुनौती की तरह लेते हैं। हम ग्लोबल वार्मिंग पर अपनी सवेंदना व्यक्त करके अटकने वाले लोग नहीं हैं। बल्कि इसका समाधान देने वाले लोग हैं।
ग्लोबल जॉब मार्केट का आसानी से प्रयोग किया जा सकता है
भारत और सिंगापुर ने सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सहयोग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में अहम समझौते किए हैं। अब इस समझौते के अनुसार दोनों देश सेमीकंडक्टर, सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग, कलस्टर डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग पर अपना पूरा फोकस करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्किल डेवलपमेंट की महत्वता को बताते हुए कहा कि हम भारत में इंडस्ट्री 4.0 का पूरा ध्यान रखते हुए और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र को देखते हुए स्किल डेवलपमेंट पर अपना पूरा फोकस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि स्किल डेवलपमेंट भारत की जरूरतों के साथ ही ग्लोबल जॉब मार्केट से भी जुड़ा हुआ है। पीएम मोदी ने इसका कारण बताते हुए कहा कि अगर कंपनियां ग्लोबली डिमांड का सर्वे करे और उसके अनुसार भारत में स्किल डेवलपमेंट के लिए आएं, तो इस ग्लोबल जॉब मार्केट का आसानी से प्रयोग किया जा सकता है।





