नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । इजरायल सरकार ने बीते रविवार को स्पष्ट किया कि फिलहाल गाजा में हमलों पर अस्थायी विराम दिया गया है, लेकिन कोई औपचारिक युद्धविराम नहीं हुआ है। इजरायली प्रवक्ता ने कहा कि हमास के साथ किसी भी शांति समझौते पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और यदि जरूरत पड़ी तो अपनी आत्मरक्षा के लिए इजरायल की रक्षा बल (IDF) सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर सकती है।
इजरायली बंधकों की रिहाई पर मिस्र में होगी अहम बातचीत
इजरायल सरकार के प्रवक्ता ने रविवार को जानकारी दी है कि इजरायल के वार्ताकार मिस्र के लिए रवाना होंगे। संभावना है कि आज सोमवार, 6 अक्टूबर से वहां इजरायली बंधकों की रिहाई को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत शुरू होगी।
गाजा पर इजरायल के हमले जारी
गाजा में शांति समझौते को लेकर चर्चा जरूर चल रही है, लेकिन जमीनी हालात इससे उलट हैं। इजरायल की ओर से गाजा पर लगातार बमबारी की जा रही है, खासकर उत्तरी इलाकों में हालात बेहद भयावह बने हुए हैं। समय-समय पर तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूर्वी क्षेत्रों में अब भी भारी विस्फोट हो रहे हैं, जिससे वह इलाका पूरी तरह से असुरक्षित और निर्जन हो गया है। सूत्रों की मानें तो इजरायली सेना ड्रोन (क्वाडकॉप्टर) के जरिए भी हमले कर रही है। इसका निशाना वे लोग बन रहे हैं जो दक्षिण और मध्य गाजा से जान बचाकर उत्तरी क्षेत्र की ओर भागने की कोशिश कर रहे हैं।
लोगों को युद्धविराम का बेसब्री से इंतजार
गाजा में हालात सामान्य होने की आस में बड़ी संख्या में लोग युद्धविराम के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे अपने घरों को लौट सकें। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को जब कुछ नागरिक घर लौटने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें इजरायली सेना ने निशाना बनाकर गोली मार दी। इस घटना के बाद लोगों के बीच डर और असमंजस और गहरा गया है।
गाजा के अस्पताल घायलों से भरे, इलाज की कमी से टूट रही सांसें
गाजा के अस्पताल इस समय घायलों से पूरी तरह भरे हुए हैं। संसाधनों की भारी कमी के चलते कई फिलिस्तीनी इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ रहे हैं। हर तरफ अफरा-तफरी, चीख-पुकार और टूटते हौसलों का मंजर है। बावजूद इसके लोगों के दिलों में अब भी एक उम्मीद जिंदा है। उम्मीद इस बात की कि जल्द ही युद्धविराम समझौता लागू होगा और यह हिंसा और तबाही का सिलसिला रूकेगा।




