नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना समर्थकों के खिलाफ दमन की नीति अपना ली है। सरकार आवामी लीग पार्टी के समर्थकों पर कहर बन टूट रही है। अब देश में ‘ऑपरेशन डेविल हंट’ (Operation Devil Hunt) नाम अभियान को लॉन्च किया गया है। इस अभियान में अंतरित सरकार की पुलिस के साथ-साथ सेना भी शामिल है।
इस अभियान के जरिए बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाने पर लिया जा रहा है। शनिवार (8 फरवरी) की देर रात से शुरू हुए इस ऑपरेशन में अब तक कुल 1308 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, अंतरिम सरकार का कहा है कि, जब तक फासिस्ट समर्थक हमारी गिरफ्त में नहीं आ जाता, तब तक यह अभियान पूरे देश में जारी रहेगा।
अब तक 1308 संदिग्ध किए गए गिरफ्तार
ढाका में शनिवार (8 फरवरी) को अवामी लीग नेता के आवास पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटना हुई थी। इस घटना में कई प्रदर्शनकारी छात्र घायल हो गए थे। जिसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने उनके मुख्य सलाहकार की अगुवाई में पूरे देश में ऑपरेशन डेविल हंट को लागू कर दिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अब तक पूरे देश में कुल 1308 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या हैं ऑपरेशन डेविल हंट?
बांग्लादेश में शेख हसीना के पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन डेविल हंट के बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि, इस ऑपरेशन का मकसद देश में ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है जो देश में स्थिरता के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि, यह अभियान देश में तब तक जारी रहेगा जब तक हर गुनहगार पकड़ा नहीं जाता।
इस ऑपरेशन में पुलिस के साथ ही सेना भी शामिल
गृह मंत्रायल से मिली जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन डेविल हंट शनिवार (8 फरवरी) को देर रात से पूरे देश में चलाया जा रहा है। “इस ऑपरेशन को केंद्रीय रूप से संगठित किया गया और इसे ऑपरेट करने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से इस अभियान को संचालित किया गया है। इस अभियान में न सिर्फ बांग्लादेशी पुलिस बल्कि तीनों सेनाओं और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी शामिल किया गया है।”




