नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मैमनसिंह जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक हिंदू युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वही इलाका है, जहां कुछ दिन पहले ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
ताजा मामले में बांग्लादेश के ग्रामीण अर्धसैनिक बल (अंसार) के सदस्य बजेंद्र बिस्वास की गोली लगने से मौत हो गई। घटना सोमवार, 29 दिसंबर की शाम करीब 6:45 बजे भालुका उपजिला क्षेत्र में लबीब ग्रुप की गारमेंट फैक्ट्री सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड के भीतर हुई। बजेंद्र बिस्वास वहां सुरक्षा गार्ड के तौर पर तैनात थे।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बजेंद्र बिस्वास और उनके साथी नोमान मियां दोनों फैक्ट्री परिसर में बने अंसार बैरक में रहते थे। बातचीत के दौरान नोमान मियां ने कथित तौर पर मजाक में सरकारी शॉटगन बजेंद्र की ओर तान दी। कुछ ही पलों बाद अचानक गोली चल गई, जो बजेंद्र की बाईं जांघ में जा लगी। गंभीर रूप से घायल बजेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी नोमान मियां को हिरासत में ले लिया है और घटना में इस्तेमाल की गई शॉटगन जब्त कर ली गई है। संबंधित थाने के प्रभारी मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है और मामले की कानूनी जांच जारी है।
गौरतलब है कि यह बीते दो हफ्तों में इसी इलाके में हिंदू समुदाय से जुड़ी तीसरी हत्या का मामला है। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला था। लगातार हो रही इन घटनाओं से भालुका और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन हालात पर नियंत्रण बनाए रखने और कानून-व्यवस्था बहाल करने का दावा कर रहा है।




