नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। कनाडा में चल रहे G7 समिट में दुनिया के सात ताकतवर देशों ने ईरान को लेकर एक सख्त और स्पष्ट चेतावनी दी है। G7 नेताओं ने कहा है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और इज़रायल के बीच तनाव चरम पर है और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।
‘इज़रायल को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार’ – G7 का समर्थन
G7 के संयुक्त बयान में कहा गया: “इज़रायल को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है और हम उसके साथ खड़े हैं। ईरान, मध्य पूर्व में अस्थिरता और आतंकवाद फैलाने वाला एक बड़ा कारण है। हम हमेशा से यह साफ करते रहे हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने नहीं दिया जाएगा। G7 ने यह भी जोड़ा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पूरे क्षेत्र में शांति के लिए ईरान की भूमिका महत्वपूर्ण है।
ईरान का हल निकलेगा तो आएगी शांति: अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं ने कहा कि अगर ईरान के मुद्दे को हल कर लिया जाए तो गाजा में युद्ध विराम और पूरे क्षेत्र में शांति संभव है। G7 नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान के साथ परमाणु गतिविधियों को रोकना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
PM मोदी भी हुए शामिल, कनाडा में G7 की छठी भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी G7 समिट में हिस्सा लेने कनाडा के कनैनिस्किस पहुंचे हैं। यह एक दशक में उनकी पहली कनाडा यात्रा है। पीएम मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आमंत्रित किया था।
सम्मेलन में पीएम मोदी ऊर्जा सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय शांति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। G7 समिट दुनिया की सात बड़ी अर्थव्यवस्थाओं – अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान – का मंच है। इसमें वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होती है और साझा रणनीतियां बनाई जाती हैं। इस बार ईरान और इज़रायल के तनाव को लेकर चर्चा केंद्र में रही। G7 समिट से ईरान को साफ संकेत मिला है कि उसे परमाणु हथियार बनाने की इजाज़त कभी नहीं दी जाएगी। वहीं इज़रायल को आत्मरक्षा का समर्थन भी मिला है। भारत की भागीदारी इस बार भी अहम मानी जा रही है, और पीएम मोदी की मौजूदगी इस वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और मजबूत बना रही है।





