नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इस्लामिक देशों के संगठन D-8 की मिस्र में 19 दिसंबर 2024 को मीटिंग होने वाली है। इस मीटिंग में पाकिस्तान, मलेशिया, बांग्लादेश, तुर्की और इंडोनेशिया समेत 8 इस्लामिक देशों के नेता हिस्सा लेंगे। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी इस मीटिंग में शामिल होने के लिए मिस्र रवाना होने वाले हैं। इस्लामिक देशों के संगठन D-8 की मीटिंग में फिलिस्तीन और लेबनान के मुद्दे को उठाया जा सकता है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, D-8 की मीटिंग में इजरायल के खिलाफ भी कोई बड़ा प्रस्ताव लाया जा सकता है। इजरायल सीरिया में तख्तापलट के बाद और अधिक आक्रामक हो गया है। खबरों के अनुसार इजरायल ने गोलान हाइट्स इलाके में यहूदियों की आबादी को दोगुना करने का लक्ष्य तय कर लिया है।
D-8 में ये मुस्लिम देश शामिल
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील मुस्लिम देशों के इस संगठन का नाम D-8 रखने के पीछे का कारण यह है कि यह मुस्लिम विकासशील देशों का एक ग्रुप है। इस संगठन में मिस्र, बांग्लादेश, ईरान, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, मलेशिया, तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं। इन आठ इस्लामिक देशों की कुल आबादी करीब सवा अरब है, जो दुनिया भर के मुसलमान देशों के 60 प्रतिशत के बराबर है।
विशेषकर तुर्की, ईरान, इंडोनेशिया और मलेशिया के शामिल हो जाने के कारण इस्लामिक देशों का संगठन D-8 एक बड़ा गुट बन जाता है। सऊदी अरब के देश इस संगठन में शामिल नहीं है। बता दें कि सऊदी अरब, UAE, सीरिया, इराक, कतर, कुवैत आदि सऊदी अरब मूल के देश हैं, ये देश इस्लामिक देशों के संगठन D-8 में शामिल नहीं हैं।
इजरायल के खिलाफ ला सकते हैं बड़ा प्रस्ताव
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, D-8 संगठन सदस्य देशों के बीच वित्तीय, बैंकिंग, ग्रामीण विकास और साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी जैसे अहम विषयों पर सहयोग किया जाता है। D-8 संगठन के पहले समिट का आयोजन जून 1997 में हुआ था, जिसको तुर्की में आयोजित किया गया था। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, D-8 संगठन का मुख्य एजेंडा सामाजिक और आर्थिक विकास करना है। D-8 संगठन अपने एजेंडे के तहत विकास, संवाद, लोकतंत्र और समानता से जुड़े मुद्दे पर चर्चा करता है।
हालांकि आमतौर पर D-8 की मीटिंग में मुस्लिमों से जुड़े मुद्दे ही उठाए जाते हैं। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, D-8 में इस बार भी फिलिस्तीन और सीरिया के मुद्दे उठाए जाएंगे। इसके आलवा इस मीटिंग में इजरायल की ओर से गोलान हाइट्स पर कब्जे के खिलाफ भीप्रस्ताव पारित किया जा सकता है।




