नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मिडस ईस्ट इन दिनों ईरान और इजरायल के बीच भीषण युद्ध का दंश झेल रहा है। इजरायल ने हाल ही में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरुल्लाह को मार गिराया था जिसके बाद से यह तनाव और बढ़ता चला गया था। ईरान ने भी इजरायल पर पलटवार करते हुए मिलाइल से हमला बोल दिया था। इस हमले के बाद आज पहला जुम्मा है जब तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद पर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुनने के लिए भारी भीड़ जुट गई थी। 2020 के बाद यह पहला मौका है जब अयातुल्लाह खामेनेई ने नमाज पढ़ाई है।
अयातुल्लाह खामेनेई ने क्या कहा?
अयातुल्लाह खामेनेई ने इजरायल का खात्मा करने की बात कहकर विश्व भर के मुसलमानों से साथ देने की अपील की, अयातुल्लाह खामेनेई ने कहा कि इजरायल के हिजबुल्लाह चीफ नसरुल्लाह को मारे जाने के बाद ईरान की जवाबी कार्यवाई सही थी। अगर जरुरत पड़ी तो ईरान फिर से हमला करेगा। खामेनेई ने अरब देशों समेत वैश्विक समुदाय से इजरायल के खिलाफ जंग में साथ देने की अपील की। खामेनेई ने कहा कि अल्लाह के दिखाए रास्ते पर चलेंगे तो मुसलमानों के दुश्मनों पर विजय पा लेंगे। उन्होंने इशारों इशारों में इस बात को भी जाहिर कर दिया कि एक बड़ा वर्ग इस्लाम को खत्म करने पर आमादा है।
इस्लाम को खत्म करने की हो रही है साजिश
अयातुल्लाह खामेनेई ने अपने संबोधन मे कहा कि कभी फिलीस्तीन, कभी लेबनान, कभी यमन पर हमला यह दिखाता है कि मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश हो रही है। एक बड़ा वर्ग केवल इस्लामी एकता को खत्म करना चाहता है। खामेनेई ने इजरायल पर निशाना साधते हुए कहा कि फिलीस्तीन पर कब्जा नाजायज है, फिसीस्तीन को भी अपने फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता देनी चाहिए। हम इस्लाम के दुश्मनों को कामयाब नहीं होने देंगे।





