नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। पार्टी की कमान संभाल रहे तारिक रहमान के नेतृत्व में यह जीत अहम मानी जा रही है। इससे पहले देश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हुई थी, जिसके बाद यह पहला आम चुनाव हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी सफलता पर तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीएनपी ने भारत का आभार व्यक्त किया और कहा कि नई सरकार के कार्यकाल में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। पार्टी ने चुनाव परिणामों को मान्यता देने के लिए भी भारत को धन्यवाद कहा है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
PM मोदी के संदेश से उत्साहित BNP
बांग्लादेश में चुनावी जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने भारत के प्रति आभार जताया है। पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य और 2026 चुनाव के मुख्य समन्वयक नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनादेश को मान्यता दिया जाना सराहनीय कदम है।
मीडिया में प्रसारित अनौपचारिक आंकड़ों के मुताबिक बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 210 से अधिक सीटों पर बढ़त या जीत दर्ज की है। वहीं जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरती दिख रही है। लंबे समय तक विपक्ष में रहने के बाद यह बीएनपी की महत्वपूर्ण राजनीतिक वापसी मानी जा रही है। करीब 17 वर्षों के स्वनिर्वासन के बाद देश लौटे तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत दर्ज कर अपनी मजबूत वापसी का संकेत दिया है।
क्या बोले पीएम मोदी?
बांग्लादेश के चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह परिणाम तारिक रहमान के नेतृत्व में वहां की जनता के विश्वास को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में दोहराया कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह दोनों देशों के बीच बहुआयामी रिश्तों को और सशक्त बनाने तथा साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
दो-तिहाई बहुमत के साथ BNP की दमदार वापसी
12 फरवरी को हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सियासी परिदृश्य बदल दिया है। यह चुनाव 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए व्यापक प्रदर्शनों के बाद कराया गया पहला आम चुनाव था, जिनकी पृष्ठभूमि में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी थी।




