नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पाकिस्तान के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF) बनाए जाने के तुरंत बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा बयान दिया है। अपने पहले आधिकारिक संबोधन में मुनीर ने कहा कि भारत को किसी भी तरह के भ्रम में नहीं रहना चाहिए। यदि भविष्य में भारत की ओर से कोई भी आक्रामक कार्रवाई होती है तो पाकिस्तान उसका पहले से ज्यादा सख्त और निर्णायक जवाब देगा।
नवगठित रक्षा बल मुख्यालय को बताया ऐतिहासिक कदम
पाकिस्तानी समाचार चैनल जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आसिम मुनीर ने नवगठित डिफेंस फोर्स हेडक्वार्टर की स्थापना को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर बहु-डोमेन सैन्य अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाना है। मुनीर ने कहा कि मौजूदा समय में खतरों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और ऐसे में तीनों सेनाओं का एकीकृत ढांचा समय की जरूरत बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया मुख्यालय तीनों सेनाओं के संचालन में समन्वय बनाएगा, जबकि उनकी स्वायत्तता और संगठनात्मक ढांचा पहले की तरह कायम रहेगा।
साइबर, अंतरिक्ष और AI तक फैल चुका है युद्ध का मैदान
अपने संबोधन में मुनीर ने आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल जमीन, पानी और हवा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह साइबरस्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम, अंतरिक्ष, सूचना युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग तक फैल चुका है। ऐसे में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों को भी नई चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र, सेना की सराहना
मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भविष्य के संघर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण “केस स्टडी” बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जनता ने भी इस दौरान धैर्य और लचीलापन दिखाया, जो सेना का मनोबल बढ़ाने वाला रहा।
सेना प्रमुख के साथ CDF की दोहरी जिम्मेदारी
आसिम मुनीर अब सेना प्रमुख के अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के साथ-साथ सीडीएफ की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठान को हुए भारी नुकसान के बाद उन्हें फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया था। वे पाकिस्तान के दूसरे फील्ड मार्शल हैं और बीते छह दशकों में इस रैंक तक पहुंचने वाले पहले अधिकारी बने हैं। बताया गया है कि सीडीएफ पद का सृजन राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा पाकिस्तान सेना, वायु सेना और नौसेना (संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी दिए जाने के बाद किया गया है। इसके तहत अब तीनों सेनाओं की संयुक्त रणनीति और संचालन की जिम्मेदारी सीडीएफ के पास होगी।
भारत-पाक रिश्तों में फिर गरमाई तल्खी
आसिम मुनीर के इस बयान के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों में और तल्खी आने की आशंका जताई जा रही है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयानों से क्षेत्रीय शांति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।





