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Saturday, March 21, 2026
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गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार पर लगाया आरोप, कहा- हिंदुओं की धार्मिक भावना और स्वतंत्रता पर हमला कर रही है सरकार

Patna: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आज बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ से मिलकर हिंदु-धर्मांतरण, लव-जिहाद के द्वारा दलितों के साथ शोषण तथा त्योहारों में पाबंदी पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया।

बेगूसराय/पटना, हि.स.। केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने आज बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर बिहार में हिंदुओं के धर्मांतरण, लव-जिहाद के द्वारा दलित पिछड़ों के साथ शोषण तथा हिंदुओं के त्योहार में अघोषित पाबंदी पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

गिरिराज सिंह ने सांसद राम कृपाल यादव, विधायक संजीव चौरसिया, विधायक कुंदन कुमार, पूर्व विधायक शिवेश राम, प्रदेश मंत्री संतोष रंजन राय एवं मीडिया प्रभारी दानिश इक़बाल के साथ राज्यपाल से मुलाकात किया है। गिरिराज सिंह के नेतृत्व में मिलने गए सभी नेताओं ने बिहार सरकार द्वारा हिंदुओं के साथ किया जा रहे भेदभाव सहित अन्य मामले को विस्तार से रखा है।

हिंदुओं के धार्मिक तथा नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार

गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार सरकार के द्वारा अपने राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू समुदाय विशेष कर दलित और पिछड़े वर्ग पर अत्याचार हो रहे हैं। नवरात्र से प्रारंभ दुर्गापूजा और त्योहारों के महीने में अघोषित पाबंदी तथा प्रदेश भर में पूजा समितियों पर अघोषित पाबंदी संविधान में हिंदुओं के धार्मिक तथा नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। प्रदेश हित में इन विषयों पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।

कल से शारदीय नवरात्र के साथ सनातनी हिंदुओं के त्योहारों का महीना प्रारंभ

कल से शारदीय नवरात्र के साथ सनातनी हिंदुओं के त्योहारों का महीना प्रारंभ हो रहा है। बिहार सरकार ने हिंदुओं के त्योहार पर रक्षाबंधन से शुरू छुट्टियों की कटौती के बाद भाजपा द्वारा तीव्र विरोध करने पर अपना आदेश वापस लिया। अब उसी मानसिकता के तहत नवरात्र में शिक्षकों की छुट्टियों की अवधि में आवासीय प्रशिक्षण का निर्देश देकर हिंदुओं की घोषित छुट्टियों पर अघोषित पाबंदी लगा दी है। इस अवधि में हिंदू धर्मावलंबी दस दिनों तक लगातार उपासना करते हैं।

सनातनियों के बीच भय का वातावरण

दुर्गा पूजा की पूजा समितियों को लाइसेंस देने के समय ही जिला प्रशासन अपने मनमाफिक विसर्जन तथा विसर्जन के रूट को अंकित कर हिंदुओं की धार्मिक भावना को आहत कर रही है। जिला प्रशासन अपने कड़े निर्देशों के माध्यम से पूजा समितियों के सदस्यों के नाम पुलिस थानों में अंकित कर रही है। जिससे समितियों के सदस्यों तथा सनातनियों के बीच भय का वातावरण व्याप्त हो रहा है।

धार्मिक भावना तथा दलित पिछड़ों के साथ अन्याय

बेगूसराय में सुनियोजित षड्यंत्र के तहत हिंदुओं की धार्मिक भावना तथा दलित पिछड़ों के साथ अन्याय किया जा रहा है। पिछले दिनों बेगूसराय के खातोपुर में शिवलिंग तोड़ने की घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा हमलावर अल्पसंख्यक तत्वों के प्रति नरमी तथा एक दर्जन निर्दोष हिंदुओं को जेल में बंद कर दिया गया। दो दर्जन से अधिक नामजद तथा दो सौ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर दमन की क्रूरतम शैली को प्रदर्शित किया।

गिरफ्तारी के नाम पर हिंदुओं के घरों पर छापामारी तथा मंदिर तोड़ने वाले लोगों पर नरमी से चौतरफा आक्रोश देखा गया। इसके पूर्व बेगूसराय प्रखंड के रजौड़ा, खोदावंदपुर प्रखंड के सिरसी, डंडारी प्रखंड के कटहरी तथा हाल ही में वीरपुर प्रखंड के सरौंजा में मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा हिंदू भेष और टीका लगाकर लगातार दलित एवं पिछड़े वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के भोले भाले बच्चियों का अपहरण कर सुनियोजित रूप से शादियां की जा रही है, यह चिंता का विषय है।

धर्म परिवर्तन कराकर की गई शादियां

वीरपुर प्रखंड के सरौंजा गांव में क्रमिक रूप से 5 दलित बच्चियों को अगवा कर उनसे धर्म परिवर्तन कराकर शादियां की गई। इन घटनाओं के पीछे सबसे दुखद पहलू यह है कि राज्य सरकार संपोषित जिला प्रशासन इसका खुलेआम संरक्षण कर रही है। इसका विरोध करने वाले हिंदुओं को झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेज रही है। बेगूसराय की यह घटना प्रदेश की स्थिति का एक उदाहरण मात्र है।

फुलवारी शरीफ के पीएफआई मॉडल अपने विभिन्न स्वरूप में पूरे प्रदेश में जड़ जमा रही है तथा उसे राज्य सरकार का प्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा है। इसी कारण प्रदेश भर में विशेषकर दलित, पिछड़ों में भय तथा अराजकता का माहौल बनता जा रहा है। सबसे दुखद यह है कि बहुत ही कम घटनाएं लोगों के सामने आ पाती है। जबकि बड़ी संख्या में इन घटनाओं को दलित और पिछड़ा समुदाय अपनी नियति मानकर उसी स्थिति में जीने को विवश हैं।

हिंदुओं के त्योहारों पर अघोषित पाबंदी

हिंदुओं के त्योहारों पर अघोषित पाबंदी, दलित, पिछड़े तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर लव जिहाद के माध्यम से शोषण और हमला तथा राज्य सरकार के द्वारा ऐसे तत्वों को खुला समर्थन चिंता का विषय है। अभी पूजा समितियों पर अघोषित पाबंदी संविधान में हिन्दुओं के धार्मिक तथा नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। प्रदेश हित में इन विषयों पर राज्यपाल सीधा संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करने का निर्देश दें।

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