नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मों की शुरुआत निर्देशक श्याम रामसे से मानी जाती है। रामसे ब्रदर्स ने 70-80 के दशक में डर की एक अलग ही परिभाषा गढ़ी। हालांकि, उनके बाद भी बॉलीवुड में कई ऐसी भूतिया फिल्में बनीं, जिन्होंने दर्शकों को न सिर्फ डराया, बल्कि उनकी रातों की नींद भी उड़ा दी। इन फिल्मों की कहानी, बैकग्राउंड साउंड और डराने वाले किरदार इतने रियल लगे कि दर्शक थियेटर में चौंक उठे। तो आइए जानते हैं उन 5 डरावनी हिंदी फिल्मों के बारे में, जिन्हें देखना हर किसी के बस की बात नहीं!
1. रात (1992)
रामगोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी ‘रात’ एक सुपरनैचुरल थ्रिलर थी, जो आज कल्ट क्लासिक मानी जाती है। 1992 में रिलीज हुई इस फिल्म ने दर्शकों को बुरी तरह डरा दिया था। फिल्म की हर फ्रेम में डर का माहौल इतना गहरा था कि दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए और कईयों के तो डर से पसीने छूटने लगे। रामगोपाल वर्मा ने फिल्म को न सिर्फ निर्देशित किया, बल्कि इसकी कहानी भी खुद लिखी। इस फिल्म का संगीत बेहद डरावना था, जिसने स्क्रीन पर डर को और गहराई दी।
2. राज (2002)
2002 में रिलीज हुई ‘राज’ को अब तक की सबसे डरावनी हिंदी फिल्मों में गिना जाता है। ये फिल्म हॉलीवुड की What Lies Beneath से प्रेरित थी, लेकिन अपने इंडियन ट्रीटमेंट और जबरदस्त डरावने सीन से इसने दर्शकों को थियेटर की सीट से चिपका दिया। फिल्म में डीनो मोरिया और बिपाशा बसु कपल के रूप में नजर आए, जबकि मालिनी शर्मा ने भूत का किरदार निभाया और क्या ही डराया! उसका हड्डियों से सड़ा हुआ चेहरा जब अचानक स्क्रीन पर आता है, तो कई दर्शकों की चीख निकल जाती थी। ‘राज’ इतनी पॉपुलर हुई कि इसके सीक्वल्स भी बने, लेकिन जो खौफ इस फिल्म ने पैदा किया वो कोई नहीं दोहरा पाया।
3. हॉरर स्टोरी (2013)
हॉरर स्टोरी 2013 में रिलीज हुई एक दमदार हॉरर फिल्म थी, जिसका निर्देशन आयुष रैना ने किया था और इसे लिखा था हॉरर फिल्मों के मास्टर विक्रम भट्ट ने। फिल्म की कहानी सात दोस्तों की है, जो एक हॉन्टेड होटल में रात बिताने का फैसला करते हैं, लेकिन ये मस्ती कब डरावनी मुसीबत में बदल जाती है, ये उन्हें खुद भी समझ नहीं आता। फिल्म में रविश देसाई, हसन जैदी और करण कुंद्रा जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।
4. फिल्म 1920 (2008)
विक्रम भट्ट की हॉरर सीरीज की पहली फिल्म 1920 अपने जमाने की सबसे सिरहन भरी फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस फिल्म में रजनीश दुग्गल और अदा शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। कहानी एक विवाहित जोड़े की है, जो एक पुराने भूतिया हवेली में रहने आते हैं और फिर शुरू होता है खौफ का सिलसिला। फिल्म का वो मशहूर सीन, जब अदा शर्मा उल्टे पांव दीवार पर चढ़ती है, आज भी लोगों को याद आते ही सिहरन होने लगती है।
5. फूंक-2 (2010)
राम गोपाल वर्मा की ‘फूंक’ के बाद आई ‘फूंक-2’, जिसने डर को एक कदम और आगे बढ़ाया। हालांकि इस बार निर्देशन की कमान खुद रामू ने नहीं, बल्कि मिलिंद गडगकर ने संभाली थी। इस फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उस अनोखे इनाम की हुई थी। जिसमें कहा गया था कि अगर कोई दर्शक इसे सिनेमाघर में अकेले बैठकर बिना डरे देख ले, तो उसे मिलेंगे 5 लाख रुपये। यह चुनौती जितनी रोचक थी, फिल्म उतनी ही डरावनी।





