नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बॉलीवुड में इस एक्टर के दो भाई जहां एक सुपरस्टार और दूसरे मशहूर फिल्ममेकर के रूप में नाम कमा चुके हैं, वहीं इनका फिल्मी सफर उतना सफल नहीं रहा। हिंदी सिनेमा में डेब्यू के वक्त लगा था कि ये भी अपने भाइयों की तरह शोहरत की ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे, लेकिन लगातार 15 फ्लॉप फिल्मों के बाद इनका करियर थम गया। निराशा और असफलता से तंग आकर इस एक्टर ने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और अब किसी और क्षेत्र में काम कर रहे हैं। आइए जानते हैं इस एक्टर के बारे में…
अनिल और बोनी कपूर के हैं छोटे भाई
जिस एक्टर की बात हो रही है, वो कोई और नहीं बल्कि अनिल कपूर और बोनी कपूर के छोटे भाई संजय कपूर हैं। संजय ने 1995 में फिल्म ‘प्रेम’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद माधुरी दीक्षित के साथ आई उनकी फिल्म ‘राजा’ (1995) ब्लॉकबस्टर साबित हुई और उन्हें पहली सफलता मिली। हालांकि इसके बाद संजय कपूर का करियर पटरी पर नहीं लौट सका। उन्होंने करीब 20 फिल्मों में काम किया, लेकिन औजार, सिर्फ तुम और छुपा रुस्तम के अलावा लगभग सभी फिल्में फ्लॉप रहीं। यहां तक कि औज़ार की सफलता का श्रेय भी सलमान खान को मिल गया।
1997 से 2005 के बीच संजय कपूर ने लगातार 15 असफल फिल्मों में काम किया, जिससे उनका करियर लगभग ठहर गया। उन्होंने कोई मेरे दिल से पूछे जैसी फिल्मों में निगेटिव रोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में एक इंटरव्यू में संजय ने अपना दर्द बयां किया था। उन्होंने बताया कि जब उनके भाई बोनी कपूर ब्लॉकबस्टर फिल्म नो एंट्री बना रहे थे, जिसमें तीन बड़े हीरो थे, तो उन्होंने उन्हें कास्ट नहीं किया। संजय ने कहा था कि वह दौर उनके लिए बहुत मुश्किल और भावनात्मक रूप से थकाने वाला था। मैं अपने ही परिवार की फिल्म का हिस्सा नहीं था, जबकि इंडस्ट्री में खुद को साबित करने की कोशिश कर रहा था।
संजय कपूर ने बताया ‘नो एंट्री’ का किस्सा
संजय कपूर ने हाल ही में शिवानी पाउ के पॉडकास्ट पर अपने संघर्ष और पारिवारिक रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब वे अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, तब उनके भाई बोनी कपूर ने उन्हें अपनी फिल्म ‘नो एंट्री’ में कास्ट नहीं किया। संजय ने कहा कि जब बोनी ने नो एंट्री बनाई, तो वे फरदीन खान की जगह मुझे ले सकते थे। फिल्म में पहले से ही सलमान और अनिल कपूर थे, इसलिए अगर मैं होता, तो भी फिल्म ब्लॉकबस्टर होती। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
हालांकि, संजय ने साफ किया कि इस फैसले को लेकर उनके मन में कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने फरदीन को इसलिए लिया क्योंकि उस समय वो मुझसे ज्यादा सेलेबल थे। मैं समझता हूं कि आखिरकार ये एक बिजनेस है। हमारे बीच हमेशा प्यार रहा है, बस प्रोफेशनल फैसले अलग होते हैं। संजय कपूर ने बताया कि पिछले 20 सालों से उन्होंने अपने भाई के प्रोडक्शन में कोई काम नहीं किया है। करियर में उतार-चढ़ाव के बावजूद वे फिल्मों और ओटीटी दोनों में सक्रिय हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने लक बाय चांस, शानदार, लस्ट स्टोरीज, मिशन मंगल और मेरी क्रिसमस जैसी फिल्मों में काम किया है। ओटीटी पर उनकी नेटफ्लिक्स फिल्म ‘मर्डर मुबारक’ ने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया।





