नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता व निर्देशक मनोज कुमार अब इन दुनिया में नहीं रहे। उन्हें अपने काम के बलवूते हर जगह खूब शोहरत मिली। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिकिस्तान के जिस शहर में हुई ओसामा बिन लादेन की हत्या हुई थी, उस शहर से मनोज कुमार का गहरा नाता था। जानिए पूरी कहानी।
धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आखिरी सांस ली
गौरतलब है कि 4 अप्रैल शुक्रवार को सुबह मनोज कुमार ने मुंबई के धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वे 87 साल के थे और काफी समय से बीमार चल रहे थे। कम ही लोग जानते हैं कि दिग्गज एक्टर का असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी था। वे हमेशा से दिलीप कुमार के बड़े फैन रहे, उनकी फिल्में देखने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलने का फैसला लिया था। मनोज कुमार का खास कनेक्शन पाकिस्तान के उस शहर से था, जहां अमेरिका ने दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था।
पाकिस्तान के एबटाबाद से यह था नाता
मनोज कुमार का जन्म उसी जगह हुआ है जहां पर कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अमेरिका के सैनिकों ने रात के अंधेरे में मार गिराया गया था। उनका का जन्म 24 जुलाई 1937 को एबटाबाद में हुआ था। यह शहर अब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आता है। पंजाबी हिंदू ब्राह्मण परिवार में जन्मे मनोज कुमार ने बंटवारे का दर्द बखूबी देखा था, जिसकी झलक उनकी फिल्मों में भी नजर आती थी। दरअसल जब हिंदुस्तान का बंटवारा हुआ था तब मनोज महज 10 साल के थे, ऐसे में मनोज कुमार का परिवार एबटाबाद छोड़कर दिल्ली आ गया था।
अमेरिकी मिशन से सुर्खियों में आया था एबटाबाद
गौरतलब है कि ब्रिटिश शासनकाल में एबटाबाद सैन्य छावनी था, फिर 1853 में मेजर जेम्स एबट के नाम इस शहर को बसाया गया। यह शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए भी मशहूर है। लेकिन साल 2011 के दौरान अमेरिका के एक मिशन के चलते ये सुर्खियों में आया था। दरअसल, 2 मई 2011 को अमेरिकी नेवी सील्स ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को एबटाबाद के बिलाल टाउन इलाके में मार गिराया था। अहम बात यह है कि ओसामा का यह ठिकाना एबटाबाद में मौजूद पाकिस्तान मिलिट्री अकेडमी से कुछ ही किलोमीटर दूर था।
9/11 के आतंकी हमलों का बदला
बता दें कि अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन था। ऐसे में अमेरिका ने ओसामा के खात्मे को 9/11 हमले का बदला बताया था। अमेरिका के इस मिशन के बाद एबटाबाद पूरी दुनिया की सुर्खियों में आ गया था।




