नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को आवारा कुत्तों से मुक्त करने और उन्हें आश्रय गृहों में रखने के आदेश पर बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने नाराज़गी जताई है। एक्टर वरुण धवन, अभिनेत्री जान्हवी कपूर, गीतकार वरुण ग्रोवर, हास्य कलाकार वीर दास और गायिका चिन्मयी श्रीपदा समेत कई सितारों ने इस आदेश को ‘बेजुबान जानवरों के लिए मौत की सज़ा’ बताया है।
सोशल मीडिया पर जताई नाराज़गी
वरुण धवन और जान्हवी कपूर ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक नोट शेयर किया, जिसमें कहा गया, “भले ही समस्याएं हैं, लेकिन जानवरों के पूरे समुदाय को पिंजरे में बंद करना कोई समाधान नहीं है। वे इसे ख़तरा समझतेहैं, हम इसे धड़कन कहते हैं।
नोट में यह भी लिखा गया, “ये आवारा कुत्ते ही तो हैं जो रात के सन्नाटे में दुकानदारों की रखवाली करते हैं, बच्चों के साथ खेलते हैं और समाज में अपनापन लाते हैं। समाधान चाहिए, सज़ा नहीं।”
“भूखा रखना समाधान नहीं” – वरुण ग्रोवर
लेखक-हास्य कलाकार वरुण ग्रोवर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि जबरन भूखा रखना कोई हल नहीं है। उन्होंने लिखा, “समस्या इंसानों की है, कुत्तों की नहीं। अब जब हालात बिगड़े हैं, तो ज़िम्मेदारी से भागकर उन्हें बंद करने की बात हो रही है। नसबंदी और टीकाकरण ही सही उपाय हैं।”
“अब कोई करुणा नहीं बची” – सिद्धार्थ आनंद
फिल्म निर्माता सिद्धार्थ आनंद ने ट्वीट किया, “अब कोई करुणा नहीं बची है। कम से कम सड़कों पर कुछ इंसान तो थे जो इन्हें खाना देते थे। अब वे भूख-प्यास से मरेंगे। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश एक मौत का वारंट है।”
वीर दास ने किया गोद लेने का आग्रह
हास्य कलाकार वीर दास ने अपने गोद लिए पालतू कुत्तों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, “दिल्ली के लोगों से अपील है कि कम से कम एक कुत्ता सड़कों से गोद लें। वे वफादार, स्वस्थ और प्यार देने वाले होते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या कहता है?
सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन शामिल हैं, इन्होनें निर्देश दिया कि, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के सभी क्षेत्रों को आवारा कुत्तों से मुक्त किया जाए और किसी भी पकड़े गए जानवर को दोबारा सड़कों पर न छोड़ा जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि, इस अभियान में बाधा डालने वालों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।
पशु प्रेमियों ने उठाए सवाल
पशु प्रेमियों का कहना है कि इस आदेश से कुत्तों के लिए ज़िंदगी और ज़्यादा मुश्किल हो जाएगी। चिन्मयी श्रीपदा ने कहा, लोग पालतू नस्लों को भी सड़कों पर छोड़ रहे हैं। क्या आश्रय स्थल इनकी ज़रूरतों को पूरा कर पाएंगे?
क्या कहता है कानून?
वर्तमान में आवारा कुत्तों की देखभाल और नियंत्रण के लिए Animal Birth Control (ABC) नीति लागू है, जिसमें नसबंदी और टीकाकरण प्रमुख उपाय हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति को सही ढंग से लागू कर ही समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सकता है।
आवाज उठती रहेगी
हालांकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश कानूनन बाध्यकारी है, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार इस फैसले के आने के बाद से सभी सेलिब्रिटी लोगों की विरोध की आवाज़ें लगातार तेज़ हो रही हैं। जिसमें वे जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों से भी उम्मीद की लगा रहे है कि वे मानवीय समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।




