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Annu kapoor: एक्टर ने अपने किरदारों से जीता दर्शकों का दिल, फिरोजपुर से बॉलीवुड तक ऐसा रहा अभिनय का सफर

अन्नू कपूर फिरोजपुर के प्रतिभाशाली अभिनेता चार दशकों से बॉलीवुड और थिएटर में यादगार किरदार निभा चुके हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा और बेहतरीन अभिनय ने उन्हें दर्शकों के दिल में खास जगह दिलाई।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आज बॉलीवुड के बहुमुखी अभिनेता अन्नू कपूर का जन्मदिन है। अन्नू कपूर का जन्म 20 फ़रवरी 1956 को पंजाब के फिरोजपुर में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रताप सिंह कपूर था। परिवार की परिस्थितियों और पारिवारिक मूल्यों ने अन्नू कपूर के व्यक्तित्व को आकार दिया। बचपन से ही उन्हें अभिनय और थिएटर का शौक था, और यही रुचि आगे चलकर उन्हें भारतीय सिनेमा में बहुमुखी कलाकार बनने की प्रेरणा बनी।

करियर की शुरुआत

अन्नू कपूर ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और धीरे-धीरे फिल्मों और टीवी की ओर कदम बढ़ाया। चार दशकों से अधिक समय में उन्होंने बॉलीवुड को कई यादगार किरदार दिए, जिनमें कॉमिक, गंभीर और थ्रिलर सभी प्रकार के रोल शामिल हैं। उनकी अदाकारी की खासियत यह रही कि वह हर किरदार में जान डालने में माहिर हैं और दर्शकों के दिल में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।

उनके कुछ सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हैं

हमारे बारह (2024) – मंसूर अली खान संजारी: यह फिल्म विवादित थी, लेकिन अन्नू कपूर के किरदार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

चेहरे (2021) – आनंद महंत: अमिताभ बच्चन और इमरान हाशमी के साथ काम करते हुए अन्नू कपूर ने कहानी में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खुदा हाफिज (2020) – उस्मान हामिद अली मुराद: इस थ्रिलर में उनका किरदार प्रभावशाली और सटीक था।

ड्रीम गर्ल (2019) – जगजीत सिंह: आयुष्मान खुराना के पिता के रूप में उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुई।

जॉली एलएलबी 2 (2017) – एडवोकेट प्रमोद माथुर: कोर्ट ड्रामा में उनका किरदार आलोचकों और दर्शकों दोनों ने सराहा।

विक्की डोनर (2012) – डॉ. बलदेव चड्ढा: कॉमिक किरदार में उनका अभिनय लोगों के दिलों में आज भी बसा हुआ है।

सात खून माफ (2011) – इंस्पेक्टर कीमत लाल: विशाल भारद्वाज के निर्देशन में उनका अभिनय अलग अंदाज में देखा गया।

एतराज (2004) – बैरिस्टर राम चोटरानी: कानूनी माहौल में उन्होंने किरदार को जीवंत बना दिया।

सरदार (1994) – मोहनदास करमचंद गांधी: गांधीजी की भूमिका को उन्होंने प्रेरक ढंग से निभाया।

मिस्टर इंडिया (1987) – मिस्टर गायतोंडे: संपादक के किरदार में उनका प्रदर्शन आज भी दर्शकों के दिल में बसा है।

टेलीविजन और थिएटर

अन्नू कपूर का करियर न केवल फिल्मों तक सीमित रहा, बल्कि उन्होंने टेलीविजन और थिएटर में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई। वह मंचीय अभिनय और कथात्मक शैली में निपुण हैं। इसके अलावा अन्नू कपूर ने कई डॉक्यूमेंट्रीज़ और शो में होस्टिंग करके अपने करियर को और व्यापक बनाया।

प्रदर्शन सटीक और प्रभावशाली

उनकी अदाकारी में गहराई, हास्यबोध और संवेदनशीलता का अद्भुत मिश्रण है। दर्शक उन्हें हर उम्र के किरदार में देख सकते हैं और हर बार उनका प्रदर्शन सटीक और प्रभावशाली होता है। अन्नू कपूर का सफर यह दर्शाता है कि प्रतिभा, लगन और मेहनत से कोई भी कलाकार लंबे समय तक अपने आप को फिल्म और थिएटर जगत में स्थापित कर सकता है।

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