नई दिल्ली, रफ्तार न्यज। गुजरात के बाद कर्नाटक में भी गणेश विसर्जन के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है। बुधवार रात को कर्नाटक के बदरिकोप्पलु गांव में गणेश विसर्जन का जुलूस निकला। जुलूस एक मस्जिद के पास से गुजर रहा था। कथित रूप से बताया जा रहा है कि जुलूस पर पथराव किया गया। इसके बाद दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया और हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो गई।
हिंसा के बाद आगजनी
पथराव के बाद, कई दुकानों को आग लगा दी गई और पास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थानीय पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मेहनत करनी पड़ी। किसी तरह पुलिस ने स्थिति को काबू में किया और तनाव को कम किया।
मांड्या में स्थिति
मांड्या में स्थिति को देखते हुए, वहां BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब वहां भीड़ इकट्ठा नहीं की जा सकती और ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस हिंसा की निंदा की है और इसे शांति-व्यवस्था के लिए एक बड़ी असफलता बताया है। इस घटना को लेकर विवाद इसलिए ज्यादा है क्योंकि ऐसा ही कुछ गुजरात के सूरत में भी कुछ दिन पहले देखने को मिला था।
सूरत में भी हुआ बवाल
कर्नाटक की इस घटना से पहले, गुजरात के सूरत में भी गणेश पंडाल पर पथराव हुआ था। उस समय भी जमकर उत्पात मचाया गया, सड़क पर हंगामा किया और पुलिस थाने का घेराव भी किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुबह होते ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। ये पहली बार नहीं है जब गणेश पंडाल पर पथराव किया। इसके अलावा कई बार हुआ है कि दूसरे त्योहारों के दौरान भी तनाव पैदा करने के लिए ऐसी वारदातों को अंजाम दिया गया हो। हर साल ऐसी घटनाएं देखने को मिल जाती है और फिर दो समुदायों में संघर्ष की स्थिति भी दिखती है।
ये घटनाएं बताती हैं कि त्योहारों के दौरान तनाव और हिंसा की घटनाएं अब आम हो गई हैं। हर साल ऐसा कुछ न कुछ देखने को मिल जाता है, जिससे समाज में तनाव बढ़ जाता है।





