नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा था कि 30 सितंबर के बाद एटीएम से 500 रुपये के नोट नहीं निकल पाएंगे। इस पर वित्त मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है। सरकार ने संसद में कहा कि जनता की लेन-देन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) यह सुनिश्चित करेगा कि सभी मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें।
RBI ने बैकों को दिए निर्देश
लोगों को छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों को अहम निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने कहा है कि 30 सितंबर 2025 तक एटीएम में 100 रुपये और 200 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी कम से कम 75% की जानी चाहिए। वहीं, 31 मार्च 2026 तक इसे बढ़ाकर 90% तक पहुंचाना होगा। इस कदम का उद्देश्य एटीएम से निकासी में छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाना और जनता की दैनिक जरूरतों को आसान बनाना है।
क्या 500 रुपये के नोट बंद हो रहे ? सरकार ने दिया जवाब
हाल ही में सामने आई अटकलों पर विराम लगाते हुए सरकार ने साफ किया है कि 500 रुपये के नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है। संसद में एक लिखित जवाब में यह स्पष्ट किया गया कि एटीएम से 500 रुपये के नोट निकलना बंद होने की बात निराधार है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ यह है कि छोटे मूल्यवर्ग के नोटों (100 रुपये और 200 रुपये) की उपलब्धता को बढ़ाया जाए, ताकि जनसाधारण को दैनिक लेन-देन में अधिक सुविधा मिल सके।
कम मूल्यवर्ग के नोटों पर फोकस क्यों?
5 अगस्त 2025 को राज्यसभा में वाई. वेंकट सुब्बा रेड्डी और मिलिंद देवड़ा जैसे सदस्यों ने यह सवाल उठाया कि आखिर 500 रुपये के नोटों को लेकर क्या स्थिति है। इस पर सरकार ने जवाब दिया कि 500 रुपये के नोट बंद करने की कोई योजना नहीं है, बल्कि उद्देश्य यह है कि छोटे नोटों की उपलब्धता बढ़ाई जाए, ताकि आम लोगों को दैनिक लेन-देन में सहूलियत मिले। गौरतलब है कि RBI पहले भी बैंकों को निर्देश दे चुका है कि वे एटीएम में 100 रुपये और 200 रुपये के नोट पर्याप्त मात्रा में रखें। हालांकि, फर्जी रिपोर्ट्स और अफवाहें अक्सर इस तरह की शंकाएं खड़ी कर देती हैं कि सरकार कहीं उच्च मूल्यवर्ग के नोट बंद तो नहीं कर रही, जबकि ऐसी अटकलों का कोई आधार नहीं है।




