नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आईपीएल और कॉर्पोरेट जगत में इन दिनों एक बड़ी डील को लेकर जबरदस्त चर्चा चल रही है। देश के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के CEO अदार पूनावाला के बारे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को खरीद सकते हैं। इस खबर के सामने आते ही क्रिकेट फैंस और बिजनेस वर्ल्ड में हलचल मच गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर अदार पूनावाला कितने अमीर हैं और क्या वह RCB जैसी महंगी आईपीएल टीम खरीदने की ताकत रखते हैं?
RCB खरीदने के संकेत दे चुके हैं अदार पूनावाला
अदार पूनावाला ने हाल ही में इशारों-इशारों में कहा है कि वह आने वाले महीनों में RCB के लिए बोली लगाने पर विचार कर सकते हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब RCB की मौजूदा मालिक कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड अपने आईपीएल निवेश की रणनीतिक समीक्षा कर रही है। यूनाइटेड स्पिरिट्स, ग्लोबल ड्रिंक्स कंपनी डियाजियो की भारतीय शाखा है। ऐसे में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि RCB को बिक्री के लिए बाजार में उतारा जा सकता है।
कितनी है RCB की ब्रांड वैल्यू
RCB आईपीएल की सबसे लोकप्रिय टीमों में से एक मानी जाती है। टीम ने IPL 2025 में अपना पहला खिताब जीतकर इतिहास रचा, जिससे उसकी ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया। इससे पहले RCB 2009, 2011 और 2016 में फाइनल तक पहुंची थी। RCB की महिला टीम ने भी 2024 में WPL का खिताब अपने नाम किया था। RCB की फैन फॉलोइंग आईपीएल की सबसे बड़ी मानी जाती है, जिससे टीम की मार्केट वैल्यू लगातार बढ़ती जा रही है।
कितनी है अदार पूनावाला की नेटवर्थ
अदार पूनावाला, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के CEO हैं। उनके पिता और कंपनी के संस्थापक साइरस पूनावाला की रियल टाइम नेटवर्थ करीब 18.8 अरब डॉलर बताई जाती है। वहीं अदार पूनावाला खुद भी अरबों डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं। उनकी संपत्तियों में शामिल हैं। पूनावाला फिनकॉर्प में बड़ी हिस्सेदारी पुणे का लग्जरी Ritz-Carlton होटल लंदन के मेफेयर इलाके में स्थित आलीशान बंगला कोविड-19 के दौरान सीरम इंस्टीट्यूट ने कोविशील्ड वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया था। इस दौरान पुणे में नई फैक्ट्री के लिए करीब 800 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया। Forbes Asia Philanthropy Heroes की लिस्ट में जगह मिली 2022 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 2008 में आईपीएल की शुरुआत के दौरान विजय माल्या ने RCB को 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। 2016 में विजय माल्या के ग्रुप के डूबने के बाद टीम का स्वामित्व यूनाइटेड स्पिरिट्स के पास चला गया।




