नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कंपनी में प्रमोशन की आस हर कर्मचारी को होती है, लेकिन जब उम्मीद टूट जाती है तो मायूसी गहरी होती है। हाल ही में एक महिला कर्मचारी ने प्रमोशन न मिलने पर ऐसा हैरान कर देने वाला कदम उठाया कि सभी दंग रह गए। उसकी यह हरकत अब सुर्खियां बटोर रही है और चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है।
दरअसल, इस महिला कर्मचारी को जब प्रमोशन नहीं मिला तो उसने गुस्से में ऐसा कदम उठाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उसने पूरी कंपनी ही खरीद ली और सबसे पहले अपने बॉस को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। यह अनोखी घटना अब हर जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।
महिला कर्मचारी को एपलबीज़ कंपनी में सीईओ बनाने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में यह पद उसे नहीं दिया गया। इस फैसले से नाराज़ महिला ने कुछ सालों बाद बड़ा कदम उठाते हुए पूरी एपलबीज़ कंपनी ही खरीद ली। इतना ही नहीं, उसने उस बॉस को भी नौकरी से निकाल दिया, जिसने कभी उसे सीईओ बनाने से इनकार किया था।
CEO का मिला था झूठा वादा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीरियल इंटरप्रेन्योर और रेस्टोरेंट ग्रुप एग्जीक्यूटिव रह चुकी जूलिया स्टीवर्ट ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि वह पहले एपलबीज़ कंपनी की प्रेसिडेंट थीं। उस समय उन्हें वादा किया गया था कि अगर वह कंपनी को फायदा दिलाने में सफल रहीं, तो उन्हें सीईओ की कुर्सी दी जाएगी।
स्टीवर्ट बताती हैं कि उन्होंने एक नई टीम खड़ी की और कंपनी को आगे ले जाने के लिए दिन-रात मेहनत की। तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने कंपनी को मुनाफे में पहुंचा भी दिया। लेकिन जब वह वादे के मुताबिक सीईओ से प्रमोशन की बात करने गईं, तो सीईओ अपने वादे से मुकर गया और उन्हें सीईओ पद देने से इनकार कर दिया।
प्रमोशन नहीं मिलने पर दिया रिजाइन
स्टीवर्ट ने जब प्रमोशन ना मिलने के पीछे की वजह मांगी तो उसे वो भी नहीं बताई गई। इन सब चीजों के चलते स्टीवर्ट ने एपलबीज से रिजाइन दे दिया और IHOP (इंटरनेशनल हाउस ऑफ पैनकेक) को जॉइन कर दिया।
इसके बाद जूलिया स्टीवर्ट ने IHOP में पांच साल तक काम किया और यहां भी अपनी काबिलियत से बड़ी सफलता हासिल की। सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को सुझाव दिया कि कंपनी को विस्तार देने के लिए किसी दूसरी बड़ी कंपनी का अधिग्रहण किया जाए।
कंपनी को खरीदने का दिया सुझाव
दूसरी कंपनी खरीदने के सुझाव पर स्टीवर्ट के दिमाग में अपनी पुरानी कंपनी एपलबीज़ का ख्याल आया। फिर उनकी रणनीति और सोच-विचार के बाद, IHOP ने एपलबीज़ को 2.3 बिलियन डॉलर में खरीद लिया। यह कदम न सिर्फ बिज़नेस वर्ल्ड में चर्चा का विषय बना, बल्कि स्टीवर्ट की व्यक्तिगत जीत के रूप में भी देखा गया।
झूठा वादा करने वाले सीईओ को किया बाहर
इसके बाद जूलिया स्टीवर्ट ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने एपलबीज़ के उसी सीईओ को कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, जिसने कभी उन्हें सीईओ बनाने का झूठा वादा किया था। यह कदम उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का ऐसा उदाहरण बना, जिसकी कहानी आज भी प्रेरणा देती है।
यहीं खत्म नहीं हुई जूलिया स्टीवर्ट की कहानी
जूलिया स्टीवर्ट की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। वह डाइन ब्रांड्स ग्लोबल की प्रेसिडेंट और सीईओ रह चुकी हैं और 70 साल की उम्र में भी लगातार सक्रिय हैं। आज वह बोजैंगल्स बोर्ड की सदस्य हैं, कई अन्य कंपनियों से भी जुड़ी हुई हैं और साथ ही एक वेलनेस ऐप की फाउंडर भी हैं। उनका सफर बताता है कि असली जुनून और लगन उम्र की सीमाओं को पार कर जाते हैं।





