नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस हफ्ते शेयर बाजार में निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इस हफ्ते सेंसेक्स 4000 अंक टूटा है। यह 82,133 से घटकर 78,041 पर आ गया है। इसी तरह Nifty-50 24,768 से गिरकर 23,587 पर आ गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी 2,824 अंक गिरकर 53,583 से 50,759 पर आ गया। इस हफ्ते बाजार में आई बड़ी गिरावट के बाद लोग चिंतित हैं। US Fed द्वारा 2025 में केवल दो बार रेट कट के अनुमान और FII की बिकवाली के कारण बाजार में गिरावट आई। निफ्टी-50 इंडेक्स अपने 200-EDMA Support से नीचे टूट गया है। इससे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का मनोबल बढ़ सकता है। इस बिकवाली के बीच, निफ्टी-50 इंडेक्स अपने हालिया निचले स्तर 23,250 अंक के करीब है। निवेशकों का ध्यान अब इस बात पर है कि क्या निफ्टी 50 इंडेक्स इस समर्थन को बनाए रखेगा या इंडेक्स नए निचले स्तर को छुएगा।
क्यों गिर रहा है शेयर बाजार?
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती पर सख्त रुख अपनाने के कारण क्रिसमस से पहले भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में है। फेड के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर में काफी तेजी आई और यह दो साल के हाइऐस्ट लेवल पर पहुंच गया। इसके चलते बांड और मुद्रा बाजार में खरीदारी शुरू हो गई। जिसके चलते भारतीय बाजार में FII की बिकवाली देखने को मिली। Nifty-50 इंडेक्स प्रमुख 200-अवधि MA 23,800 अंक से नीचे बंद हुआ। यह अपने 4 सप्ताह के उच्चतम स्तर को तोड़ते हुए 23,600 अंक के करीब बंद हुआ। निफ्टी-50 इंडेक्स ने 24,850 क्षेत्र से शार्ट टर्म सुधार दिखाया है। अब अगला सपोर्ट 23,500 अंक के पास है। इसके नीचे ओवरऑल रुझान मंदी की कैटेगरी में आ जाएगा।
इसके नीचे ट्रेंड वीक होगा।
दूसरी ओर, बैंक निफ्टी इंडेक्स 50,000 अंक के महत्वपूर्ण 200-अवधि MA के करीब है। इसके नीचे ट्रेंड वीक होगा। अब अगला प्रमुख सपोर्ट पिछले निचले स्तर पर है, जो 49,800 अंक है। इसके नीचे प्रवृत्ति मंदी की हो जाएगी। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आगामी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रह सकता है। निफ्टी 200 एसएमए के महत्वपूर्ण क्षेत्र से नीचे फिसल गया है, इसलिए अगला संभावित समर्थन हाल के निचले स्तरों, 23,200 से 23,100 के आसपास देखा जा सकता है। अगर यह टूटता है तो निफ्टी 22,800 की ओर बढ़ने की संभावना है। जहां तक रेजिस्टेंस का सवाल है, 23,800 से 24,000 को एक इंटरमिडिएट बैरियर के रूप में देखा जा सकता है। इसके बाद 24,150 से 24,300 के बीच प्रतिरोध देखने को मिलेगा।




