back to top
25.1 C
New Delhi
Saturday, March 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

स्टार्टअप के प्रवत्र्तकों को मिल रही वेंचर कैपिटल निवेशकों से चुनौती

चेन्नई, 6 मार्च (आईएएनएस)। अपने दम पर स्टार्टअप को खड़ा करने वाले प्रवत्तकों को क्या निजी शेयर धारक और वेंचर कैपिटल निवेशक उनकी ही कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं। यह सवाल ऐसे समय में उठ रहा है जब भारतपे ने अपने सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक अशनीर ग्रोवर को बाहर का रास्ता दिखा दिया है और उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर को कथित वित्तीय अनियमितताओं के लिये बर्खास्त कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुये उद्योग जगत जुड़े लोगों ने आईएएनएस को बताया कि अगर सब ठीक चल रहा हो तो आमतौर पर निवेशक मौजूदा प्रबंधन को हटाकर और नये प्रबंधन को लाकर अपना हाथ गंदा करना पसंद नहीं करते हैं। एक इंवेस्टमेंट बैंकर ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, वास्तविक तथ्य यह है कि एक निजी शेयरधारक या वेंचर कैपिटल निवेशक एक ऐसा आर्थिक पक्ष है, जो यहां उद्यमिता कौशल को बढ़ावा देने के लिये नहीं है। उनका खाका बहुत सरल है क्योंकि उन्हें अपने निवेशकों के लिये जुटायी गयी पूंजी को 8-10 वर्षों में लौटाना होता है। इसलिए, स्टार्टअप में निवेश की समय सीमा 3-4 साल, मूल्य वृद्धि की समय सीमा अगले 3-4 साल और बाहर निकलने की रणनीति बनाने के लिये शेष अवधि होती है। उनका मुख्य काम है कि वे एक कंपनी ढूंढें, उसमें निवेश करें और फिर अपने प्रायोजकों के लिये उस निवेश से रिटर्न अर्जित करें। लेकिन कुछ स्थितियों में, अगर स्थितियां नियंत्रण से बाहर चली जाती हैं, तो उन्हें अपने हाथ गंदे करने पड़ते हैं, जैसा भारतपे के मामले में हुआ है। एक वेंचर कैपिटल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, कुछ स्टार्टअप संस्थापक शुरूआती दौर में अच्छे होते हैं, लेकिन कंपनी के एक निश्चित आकार तक बढ़ने के बाद वह उपयुक्त नहीं रहते हैं। ऐसी स्थिति में निवेशक तक कंपनी को बेहतर तरीके से चलाने के लिये किसी पेशेवर की नियुक्ति की सलाह देते हैं। स्टार्टअप संस्थापकों और निवेशकों के बीच शक्ति का समीकरण शर्तों पर निर्भर करता है। देश की एक वेंचर कैपिटल फर्म वेंचरईस्ट के प्रबंधन साझेदार शरत नारू ने आईएएनएस को कहा, निवेश से पहले, वेंचर कैपिटल फर्म का पलड़ा भारी होता है लेकिन उसके बाद संस्थापक का पलड़ा भारी होता है। इसके अलावा, अगर कंपनी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो प्रवत्र्तकों की बात में ही अधिक वजन होता है। निवेशकों ने आईएएनएस को बताया कि एक स्टार्टअप प्रवत्र्तक को निवेशकों के दबाव में भटकने के लिये मजबूर किया जा सकता है। निवेशक अधिक रिटर्न के लिये उन पर अधिक जोखिम लेने का दबाव डाल सकते हैं। ऐसे मामलों में, जहां निवेशक सामूहिक रूप से अधिक हिस्सेदारी रखते हैं, तो उनके लिये साथ मिलकर नया प्रबंधन लाना आसान होता है। नारू के अनुसार, ऐसे मामलों में जहां स्टार्टअप संस्थापक के पास अधिक हिस्सेदारी है लेकिन वह लक्ष्य से भटक गया है तो निवेशक कंपनी बोर्ड में अपने द्वारा नामित व्यक्तियों के माध्यम से प्रवत्र्तक को बर्खास्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिये कतार में है, तो निवेशक स्टार्टअप संस्थापक की हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। नारू ने कहा, हम पर भरोसे की जिम्मेदारी होती है। हमें पेंशन फंड जैसे अपने पूंजी निवेशकों को रिटर्न देना होता है, जहां लोग अपनी जीवन भर की बचत का निवेश करते हैं। साथ ही, वेंचर कैपिटल निवेशकों को गलत कामों को माफ करने वालों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिये। बहुत सारे निवेशक स्टार्टअप संस्थापकों को अन्य उपक्रमों में एंजेल निवेशक बनने की अनुमति भी देते हैं। एक इंवेस्टमेंट बैंकर ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस को बताया कि सवाल यह है कि ऐसे संस्थापकों का ध्यान अपनी कंपनी पर होगा या अपनी निवेश वाली कंपनियों पर होगा, जहां उनका खुद का पैसा दांव पर लगा हो। –आईएएनएस एकेएस/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

सैलरी तो बढ़ी लेकिन जेब है खाली…जानिए क्या है लाइफस्टाइल इंफ्लेशन और इससे बचाव के तरीके

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पैसा किसे प्यारा नहीं होता? लोग पैसे कमाने की उधेड़बुन में अपनी पूरी जिंदगी गंवा देते हैं। उनका लक्ष्य होता है...
spot_img

Latest Stories

बॉलीवुड की इन फिल्मों में दिखाई गई Eid की रौनक, आप भी देखें

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज 21 मार्च को Eid...

देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही ईद, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देशभर में आज ईद-उल-फितर बड़े उत्साह...

4 साल बाद यूपी को मिला स्थायी DGP, जानिए कौन हैं एलवी एंटनी देव कुमार जिन्हें मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के...

सोना सस्ता, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा: आम आदमी पर दोहरी मार, जानिए आज का पूरा अपडेट

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देश में आज आर्थिक मोर्चे पर...

Rani Mukerji को सांवले रंग की वजह से मिला रिजेक्शन, फिर यू पलट गई किस्मत

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। फिल्म जगत में 90's से...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵