नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने शनिवार 11 अक्टूबर 2025 को अपने डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म पर एक घंटे की सर्विस बंदी की सूचना दी है। बैंक की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बंदी 11 अक्टूबर की रात 1:10 बजे से लेकर 2:10 बजे तक रहेगी। इस दौरान UPI, NEFT, IMPS, RTGS, इंटरनेट बैंकिंग और YONO ऐप जैसी सभी डिजिटल सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी।
डिजिटल लेन-देन पर पड़ेगा असर
बैंक की इस मेंटेनेंस प्रक्रिया के कारण ग्राहक इस एक घंटे के भीतर कोई भी डिजिटल ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। SBI ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने जरूरी लेन-देन को पहले ही पूरा कर लें ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
ATM और UPI लाइट सेवा जारी रहेगी
हालांकि इस दौरान कुछ सेवाएं चालू रहेंगी। SBI ने बताया है कि ATM सेवा सामान्य रूप से उपलब्ध रहेगी और यूपीआई लाइट की सुविधा भी जारी रहेगी। यूपीआई लाइट के तहत ग्राहक 1000 रुपये तक बिना पिन के छोटे-छोटे भुगतान कर सकते हैं। यह सुविधा खास तौर पर रोजमर्रा के छोटे खर्चों जैसे चाय, ऑटो या स्नैक्स के लिए फायदेमंद रहेगी।
UPI लाइट क्या है?
यूपीआई लाइट एक सीमित सीमा वाली डिजिटल पेमेंट सेवा है, जिसमें प्रति ट्रांजैक्शन 1000 रुपये और कुल मिलाकर 5000 रुपये तक की सीमा होती है। बैंक ने इसे कैश के बराबर माना है, जिसमें ग्राहक खुद अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
पहले भी आ चुकी हैं तकनीकी दिक्कतें
बता दें कि इस सप्ताह ही 7 और 8 अक्टूबर को SBI के डिजिटल नेटवर्क में तकनीकी दिक्कतें आई थीं, जिससे कई ग्राहकों को यूपीआई ट्रांजैक्शन फेल होने की समस्या का सामना करना पड़ा था। तब भी बैंक ने ग्राहकों को यूपीआई लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।
ग्राहकों को सलाह
SBI ने अपने ग्राहकों से अपील की है कि वे 11 अक्टूबर की रात निर्धारित समय से पहले अपने जरूरी डिजिटल लेन-देन पूरे कर लें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही, बैंक ने कहा है कि 2:10 बजे के बाद सभी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से बहाल कर दी जाएंगी।
हाल की तकनीकी दिक्कतों का जिक्र
स्मरण रहे कि हाल ही में 7 और 8 अक्टूबर को भी SBI के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में तकनीकी खराबी आई थी, जिसके कारण कई ग्राहकों को UPI ट्रांजैक्शन में दिक्कतें आईं। उस दौरान बैंक ने भी अस्थायी रूप से UPI लाइट का उपयोग करने की सलाह दी थी।




