नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रिलायंस ग्रुप की डिजिटल कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) साल 2026 की पहली छमाही में अपना IPO लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी अपनी 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4.5 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है, जिससे यह देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है।
IPO का प्लान और टाइमलाइन
मुकेश अंबानी ने हाल ही में रिलायंस की AGM में खुलासा किया था कि जून 2026 तक कंपनी अपने शेयरों को लिस्ट कराने का लक्ष्य रख रही है। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल वैल्यूएशन 130 बिलियन डॉलर से 170 बिलियन डॉलर के बीच होगा।
रिलायंस जियो के DRHP (Draft Red Herring Prospectus) फाइलिंग के बाद ही IPO के लिए अंतिम प्राइस और अन्य विवरण तय होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी भारतीय मार्केट अथॉरिटीज से सभी आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल्स मिलने के बाद पहली छमाही में IPO लाने की तैयारी कर रही है।
Reliance Jio IPO GMP
ग्रे मार्केट में रिलायंस जियो IPO का GMP 93 रुपये प्रति शेयर चल रहा है। इसका मतलब है कि निवेशक DRHP फाइलिंग से पहले ही शेयरों के लिए उत्सुक हैं। IPO के तहत कंपनी सिर्फ 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है, जबकि पहले बड़े IPO के लिए न्यूनतम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी का नियम था।
अनुमानित प्राइस बैंड
बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के अनुसार, कंपनी के वैल्यूएशन रेंज और रिटेल निवेशकों के लिए 15–20 प्रतिशत डिस्काउंट को ध्यान में रखते हुए, शेयर की अनुमानित कीमत 1,048 से 1,457 रुपये प्रति शेयर हो सकती है। यह कीमत अंततः IPO के फाइनल वैल्यूएशन पर निर्भर करेगी।
कंपनी का महत्व
यदि यह IPO सफल रहा, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले, 2025 में हुंडई मोटर इंडिया ने 3.3 अरब डॉलर का IPO पेश किया था। रिलायंस जियो का यह कदम भारत के शेयर बाजार में निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है और डिजिटल इंडिया की सफलता की कहानी को और आगे बढ़ाएगा।





