नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी ऑनलाइन गेमिंग बिल पारित हो गया है। इस नए कानून के तहत जहां ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलेगा, वहीं रियल मनी गेम्स पर सख्त रोक लगाई जाएगी। इसका सीधा असर भारत की करीब 3.8 अरब डॉलर की गेमिंग इंडस्ट्री पर पड़ने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बिल पास होते ही फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म Dream11 अपने कारोबार को समेटने की तैयारी में लग गई है। रियल मनी आधारित गेमिंग पर प्रतिबंध के कारण कंपनी के लिए संचालन जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग बिल के बाद Dream11 ने बंद किए ऑपरेशन
नए ऑनलाइन गेमिंग बिल के संसद से पारित होते ही रियल मनी गेम्स के संचालन पर असर दिखने लगा है। Dream11, जो इस सेक्टर का सबसे बड़ा नाम है, अब अपना रियल मनी गेमिंग ऑपरेशन बंद करने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, 20 अगस्त को कंपनी ने एक इंटरनल टाउन हॉल मीटिंग में अपने कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। बताया गया कि रियल मनी गेमिंग रेवेन्यू का 67% हिस्सा अकेले ड्रीम11 से आता था। लेकिन अब नए कानून के बाद ऑपरेशन जारी रखने का “कोई रास्ता नहीं बचा”, ऐसा कहना है ड्रीम स्पोर्ट्स के सीईओ हर्ष जैन का। ऑन-रोल और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। अब कंपनी अपने अन्य वर्टिकल्स FanCode, DreamSetGo और Dream Game Studios पर फोकस करेगी।
Dream11 पर टिका था पूरा कारोबार
ऑनलाइन गेमिंग बिल के चलते रियल मनी गेम्स पर रोक लगने का असर Dream Sports के कोर बिजनेस पर सीधे तौर पर पड़ा है। असल में, कंपनी का 90% से ज्यादा रेवेन्यू सिर्फ Dream11 की पेड फैंटेसी कॉन्टेस्ट से आता था। 2008 में हर्ष जैन और भावित शेठ द्वारा शुरू की गई इस कंपनी के 28 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं और यह भारत के फैंटेसी स्पोर्ट्स मार्केट में सबसे बड़ा नाम बन चुकी थी। साल 2024 के पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान अकेले ड्रीम11 से कंपनी ने 9,600 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी। लेकिन अब जबकि इस प्लेटफॉर्म पर बैन की स्थिति बन गई है, तो यह कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है। वहीं, FanCode और DreamSetGo जैसे दूसरे वर्टिकल्स का योगदान अभी तक बहुत सीमित रहा है, जिससे साफ है कि रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध से Dream Sports की रीढ़ टूट सकती है।
ऑनलाइन मनी गेम्स पर लगेगा ब्रेक
21 अगस्त 2025 को राज्यसभा ने ‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025’ को मंजूरी दे दी, जिससे ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का रास्ता साफ हो गया है। यह विधेयक एक दिन पहले 20 अगस्त को लोकसभा से भी पास हो चुका था। इस कानून को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च सदन में पेश करते हुए कहा कि यह विधेयक समाज के हित में है। उनके मुताबिक, यह प्रस्तावित कानून दो-तिहाई ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देगा, लेकिन उन रियल मनी गेम्स पर रोक लगाएगा, जो खासकर मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए नुकसानदायक लत बन चुके हैं।




