नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। छोटे कारोबारियों के लिए MSME लोन बिजनेस बढ़ाने का बड़ा सहारा माना जाता है, लेकिन कई बार आवेदन करने के बावजूद लोन रिजेक्ट हो जाता है। इसकी वजह सिर्फ बिजनेस का छोटा होना नहीं, बल्कि कुछ आम गलतियां होती हैं जो बैंक को जोखिम का संकेत देती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में बड़ी संख्या में MSME लोन आवेदन छोटी-छोटी कमियों के कारण खारिज हो जाते हैं।
खराब क्रेडिट स्कोर सबसे बड़ी वजह
लोन देने से पहले बैंक सबसे पहले आवेदक का क्रेडिट स्कोर देखते हैं। अगर आपका स्कोर कम है या आपने पहले EMI या क्रेडिट कार्ड पेमेंट में देरी की है, तो लोन मिलने की संभावना कम हो जाती है।
कमजोर कैश फ्लो और कम इनकम
बैंक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आपका बिजनेस नियमित कमाई कर रहा है या नहीं। अगर कैश फ्लो अस्थिर है या आय कम है, तो बैंक को लोन वापस मिलने का भरोसा नहीं बनता और आवेदन खारिज हो सकता है।
अधूरे या गलत डॉक्युमेंट
MSME लोन रिजेक्शन की एक बड़ी वजह अधूरे दस्तावेज भी होते हैं। गलत जानकारी, अधूरे कागज या पुराने रिकॉर्ड बैंक के लिए संदेह पैदा करते हैं, जिससे लोन पास नहीं हो पाता।
ज्यादा कर्ज और कमजोर फाइनेंशियल प्रोफाइल
अगर आपके ऊपर पहले से ज्यादा लोन है, तो बैंक नए लोन देने में हिचकिचाते हैं। हाई डेट-टू-इनकम रेशियो यह दिखाता है कि आप नया कर्ज संभालने में सक्षम नहीं हैं।
स्पष्ट बिजनेस प्लान का अभाव
कई बार कारोबारी यह नहीं बता पाते कि लोन का इस्तेमाल कैसे करेंगे और इससे कितना फायदा होगा। कमजोर या अस्पष्ट बिजनेस प्लान बैंक के भरोसे को कम करता है और लोन रिजेक्ट हो जाता है।




