नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Reserve Bank of India देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक करेंसी नोट लाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI ने हाल की बोर्ड बैठकों में इस प्रस्ताव पर गंभीर चर्चा की है और जल्द ही इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि प्लास्टिक नोट पारंपरिक कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और कम खर्चीले साबित हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है। RBI की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 तक देश में चलन में मौजूद मुद्रा 42 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई है। ऐसे में बार-बार नोट छापने की लागत भी बढ़ रही है। पॉलिमर नोटों की उम्र सामान्य नोटों से कई गुना ज्यादा होती है, इसलिए इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
पॉलिमर नोट खास तरह के प्लास्टिक पदार्थ से बनाए जाते हैं। ये आसानी से फटते नहीं हैं और पानी या गंदगी से भी जल्दी खराब नहीं होते। विशेषज्ञों के मुताबिक इन नोटों में सुरक्षा फीचर्स भी ज्यादा मजबूत होते हैं, जिससे नकली नोटों की समस्या कम की जा सकती है।
दुनिया के कई देशों में पहले से प्लास्टिक करेंसी का इस्तेमाल हो रहा है। Australia सबसे पहले 1988 में पॉलिमर नोट लाने वाला देश बना था। इसके बाद Canada, Singapore, Malaysia और Romania समेत करीब 60 देशों ने इस तकनीक को अपनाया।





