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Friday, March 6, 2026
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Small Industry Day: व्यवसाय का सपना अब होगा अपना, जानिए व्यवसायिक लोन से जुड़ी सरकारी योजनाओं के लाभ

आज 30 अगस्त का दिन लघु उद्योग दिवस के रूप में मानाया जाता है। यह उन लोगों को समर्पित है जो छोटे और मझोले उद्योगों के माध्यम से देश की GDP में उल्लेखनीय योगदान देते हैं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत की GDP में 40 प्रतिशत का योगदान केवल लघु उद्योगों का है। भारत सरकार भी लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई प्रकार की योजनाओं का संचालन करती है जो छोटे व्यवसायियों को मजबूत आर्थिक आधार देती हैं। सरकार की ओर से नए स्टार्ट अप और व्यवसाय को जारी रखने के लिए वित्तीय राशि देने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। आज लघु उद्योग दिवस के मौके पर जानते हैं ऐसी कुछ योजनाएँ जो किसी भी व्यवसाय के सुचारू संचालन के लिए उत्तरदायी साबित हो सकती हैं।

लघु उद्योग से होने वाले लाभ

लघु उद्योग कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। लघु उद्योग से देश का निर्यात बढ़ता है और विदेशी मुद्रा बाजार में भी बढ़ोतरी होती है। इसके माध्यम से कृषि पर निर्भरता काफी हद तक कम की जा सकती है। लघु उद्योग से बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक दूर की जा सकती है, क्योंकि इसके माध्यम से वैकल्पिक रोजगार का सृजन होता है और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता का विकास होता है। जो औधोगिक विकास पर केवल शहरों का एकाधिकार था अब वह विकास ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। न सिर्फ इतना बल्कि जिन स्थानीय उत्पादों, कला और संस्कृति को पहले स्टेज नहीं मिलता था उन्हें भी बढ़ावा मिलने लगा।

लघु उद्योग को कितने निवेश के साथ शुरु किया जा सकता है?

कई व्यवसायी इस असमंजस में रहते हैं कि लघु उद्योग के अंतर्गत व्यवसाय शुरू करने के लिए कितने रुपये की जरूरत होगी। लघु उद्योग स्थापना के लिए संयंत्र और मशीनरी में निवेश की रेंज 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये के बीच रहती है। ठीक इसी तरह, सेवाएं देने वाले उद्योग शुरू करने के लिए निवेश की आवश्यक राशि 10 लाख रुपये से 2 करोड़ रुपये के बीच होनी चाहिए। भारत सरकार ऐसी कई योजनाओं को धरातल पर ला चुकी है।

MSME लोन मिलने की प्रक्रिया

MSME को उनकी पूंजी संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए सरकार ने MSME लोन स्कीम शुरू की है। इस स्कीम में 1 करोड़ रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत 59 मिनट में मिलने वाले बिजनेस लोन ऑफर किए जाते हैं। इनकी ब्याज दर 8.50 प्रतिशत होती है। सूक्ष्म एवं लघु एंटरप्राइजेज के अंतर्गत क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट द्वारा संचालित इस स्कीम का मकसद लोन प्रक्रिया का इस प्रकार संचालन करना है जिससे केवल 59 मिनट में ही अप्रूवल मिल जाए। हालांकि लोन की राशि मंजूर होने में 7-8 दिन का समय लग जाता है।

योग्यता- इस लोन का पात्र होने के लिए ग्राहक को GST, इनकम टैक्स दाता होना जरूरी है। इसके लिए कम से कम 6 महीने की टैक्स हिस्ट्री होनी चाहिए।

राष्‍ट्रीय लघु उद्योग निगम देश भर में फैले शाखा कार्यालयों व तकनीकी सेवा सेंटर के नेटवर्क माध्यम से अपना प्रचालन कार्य कर रहा है। अफ्रीकी देशों में अपने प्रचालन कार्य की व्यवस्था के लिए, NSIC ने जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में अपना ऑफिस खोला हुआ है। इसके अतिरिक्त NSIC ने प्रशिक्षण व इंक्यूबेशन केन्द्र खोले हैं। NSIC अपनी व्यापक व्यावसायिक जनशक्ति के साथ सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्यम क्षेत्र की आवश्‍यकताओं के अनुसार सेवाओं का पैकेज उपलब्ध कराता है।

राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम स्कीम के अंतर्गत दो प्रकार से लोन दिए जाते हैं:

मार्केटिंग सहायता योजना– इस स्कीम के अंतर्गत मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आप अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता और अपनी पेशकशों की मार्केट वैल्यू बढाने के लिए कर सकते हैं। इस योजना का मकसद उद्योग को बढावा देना, मार्केटिंग और मार्केट तक रीच बढाने में सहयोग मिलता है।

क्रेडिट सहायता योजना– इस योजना का मकसद कच्चे माल की खरीद, फाइनेंस और मार्केटिंग के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

NSIC योजना की प्रक्रिया

NSIC और MSME के विकास कार्यरत है। NSIC सूक्ष्म एवं लघु एंटरप्राइजेज के अंतर्गत काम करता है। इस योजना का मकसद उद्यमिता कौशल विकास, लघु परियोजनाओं के चयन, परियोजना प्रोफाइल/रिपोर्ट तैयार करने, संयंत्र, मशीनरी और उपकरणों की पहचान करने और सोर्सिंग के लिए ट्रेनिंग के क्षेत्रों में एकीकृत सेवाएं देकर नए लघु उद्यमों की स्थापना की सुविधा देना है।

विशेषतांए– इसके तहत अलग अलग देशों के साथ व्यपार मिशनों का आदान प्रदान होता है। एंटरप्राइजेज टू एंटरप्राइजेज सहयोग, प्रौधोगिक हस्तांतरण और स्थायी सहयोग के अन्य सुविधाएँ प्राप्त है। वैश्विक क्षेत्र विशेष प्रदर्शनियों में सहभागिता लेकर नए एक्सपोर्ट बाजारों की पहचान करना है। दूसरे विकासशील देशों के साथ अपने देश का अनुभव साझा करना है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से जुड़े उपागम

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में अलग अलग क्षेत्रों/व्यवसायिक गतिविधियों के साथ की आर्थिक जरुरतों को पूरा करने के लिए लोन का ऑप्शन दिया जाता है। सामान्यत बैंको द्वारा MSME को 10 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के दिया जाता है।

योग्यता– अर्बन और रूलर क्षेत्रों में प्रोपराइटर्स या एंटरप्राइजेज फर्मों से लैस छोटे गैर कॉपरेट व्यवसाय लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगर आप कोई मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट, दुकानदार, फल विक्रेता, कारीगर, मशीन ऑपरेटर, फूड प्रोसेसर आदि काम शुरु करना चाहते हैं तो आप इसका फायदा उठा सकते हैं। हालांकि आपको इसके लिए कुछ सामान्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ सकता है।

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