back to top
22.1 C
New Delhi
Wednesday, March 18, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

इजरायल ईरान युद्ध की कीमत चुकाएगा पूरा विश्न, भारतीयों को भी करनी पड़ सकती है जेब ढीली

इजरायल ईरान युद्ध अपने साथ पूरे विश्व को युद्ध की आग में लपेट रहा है। उन देशों पर इस तनाव का असर देखा जाएगा जो ईरान या इजरायल से आयात-निर्यात करते हैं।

नई दिल्ली रफ्तार डेस्कइजरायल और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं दे रहा जिसका सीधा शेयर बाजार पर देखा जा रहा है। हालांकि अगर यह है तनाव इसी तरह पर कार रहता है तो वैश्विक बाजार और भारत भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते हुए तनाव के साथ दुनिया भर की वस्तुओं के दामों में भारी बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

किन उत्पादों या सेवाओं पर पड़ेगा असर

  • बढ़ते हुए दामों का असर सबसे पहले आम जनता की जेब पर पड़ेगा। ईरान से भारत सीमित मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है इसके बाद पेट्रोल डीजल सहित खाने के तेल की पूर्ति हो पाती है। ऐसे में अगर ईरान युद्ध की आग में जलता है तो इसका खामियाजा आंशिक रूप से भारत को भी भुगतना पड़ेगा और पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोतरी संभव है। हालांकि ये भुगतान नाम मात्र ही होगा क्योंकि भारत रूस समेत खाड़ी देशों से कच्चा तेल आयात करता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतें जल्द ही 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। अक्टूबर की शरुआत से ही कच्चे तेल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आपको बता दें की चीन ईरान से सबसे ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है।
  • इसके अलावा फर्टिलाइजर के रेट में भी तेजी दर्ज की जा सकती है। खेती में इस्तेमाल होने वाले यूरिया की मांग को पूरा करने में ईरान का बहुत बड़ा योगदान है। भारत में कृषि उत्पादकता पर खासा प्रभाव पड़ सकता है। ड्राई फ्रूट्स को लेकर भी भारत ईरान और अफगानिस्तान पर ही निर्भर है जिसके चलते त्योहारी सीजन में इनमें भी बढ़ोतरी हो सकती है।
  • अगली कड़ी में भारत और इजरायल के बीच कई अहम रक्षा समझौते हुए हैं जिसके तहत रक्षा उपकरणों की आपूर्ति के लिए भारत इजरायल से रक्षा उपकरण लेता है। आपको बता दें कि रूस से भी भारत अपने रक्षा उपकरण आयात करता है रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान भी भारत ने निष्पक्ष रवैया बनाए रखा था।
  • मेडिकल और हेल्थ केयर उत्पाद में इजरायल का बड़ा हिस्सा है। इजरायल भारत के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीक और चिकित्सा डिवाइसेज का प्रदाता है। चिकित्सा सेक्टर के लिए भी इजरायल और ईरान युद्ध पर लगाम लगाना आवश्यक है।

गौरतलब है कि इन दोनों देशों के बीच युद्ध न केवल मिडल ईस्ट के लिए विनाशकारी होगा बल्कि भारत में भी इसका अच्छा खासा प्रभाव देखा जाएगा। चाहे प्राकृतिक गैस हो,तेल हो, सोना हो, ड्राई फ्रूट हो यह सारे उद्योग इससे प्रभावित रहेंगे। न सिर्फ इतना बल्कि भारत ईरान और भारत- इजरायल के बीच सप्लाई चैन भी टूटने की संभावना बनी रहेगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट पार कर मुंबई पहुंचा तेल टैंकर, कैप्टन की सूझबूझ से सफल हुआ मिशन

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर एक बड़ा टैंकर सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच...
spot_img

Latest Stories

West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को...

Nora Fatehi के नए गाने पर मचा बवाल, अब सिंगर Armaan Malik ने भी किया रिएक्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। नोरा फतेही (Nora Fatehi) इस...

बिहार में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘INDIA’ में रार, तेजस्वी यादव पर भड़के पप्पू यादव

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सोमवार 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव...