नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी, का IPO 9 जनवरी 2026 को खुला और 13 जनवरी 2026 को बंद होने वाला है। इसके शेयरों का अलॉटमेंट 14 जनवरी को होने की संभावना है। ग्रे मार्केट में BCCL IPO को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। 12 जनवरी तक इसका GMP लगभग ₹10.6 दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि लिस्टिंग पर निवेशकों को लगभग 46% तक रिटर्न मिलने की संभावना है।
अगर आपने अभी तक इस IPO में निवेश नहीं किया है, तो यह समय सोच-समझकर निर्णय लेने का है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनी की मजबूत फंडामेंटल्स और कोल इंडिया की सब्सिडियरी होने के कारण यह IPO आकर्षक अवसर साबित हो सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे मार्केट ट्रेंड, GMP और कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए निवेश करें। BCCL IPO इस हफ्ते निवेशकों के लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है -जल्दी निर्णय लेने में ही भलाई है।
Bharat Coking Coal Limited (BCCL) IPO
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), जो कोल इंडिया लिमिटेड की सब्सिडियरी है और कोयला मंत्रालय के तहत काम करती है, ने निवेशकों के लिए IPO 9 जनवरी 2026 को जारी किया। कंपनी की स्थापना साल 1972 में हुई थी और अब यह देश के कोयला सेक्टर में अहम भूमिका निभा रही है। इस IPO में निवेश की अंतिम तारीख 13 जनवरी 2026 है। शेयरों का अलॉटमेंट 14 जनवरी को होने की उम्मीद है, जिसके बाद निवेशकों के डीमैट खातों में 15 जनवरी तक शेयर क्रेडिट किए जाएंगे। इसके बाद 16 जनवरी को बीएसई और एनएसई पर इन शेयरों की लिस्टिंग होने की संभावना है, जिससे निवेशकों को संभावित लिस्टिंग लाभ का अवसर मिलेगा।
ग्रे मार्केट में उत्साह
ग्रे मार्केट में बीसीसीएल IPO को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। 12 जनवरी 2026 तक शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब ₹10.6 दर्ज किया गया।
लिस्टिंग पर संभावित रिटर्न
यदि ऊपरी कीमत ₹23 को आधार माना जाए, तो लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत लगभग ₹33.6 तक पहुंच सकती है। इस हिसाब से निवेशकों को लिस्टिंग पर लगभग 46% तक का फायदा मिलने की उम्मीद है, जो इसे निवेशकों के लिए आकर्षक और लाभकारी अवसर बनाता है।
इतने इक्विटी शेयर बेच रही है बीसीसीएल
बीसीसीएल का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें कुल 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जा रहे हैं। इस आईपीओ में कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं कर रही है, यानी बीसीसीएल को इस पब्लिक इश्यू से सीधे कोई पैसा नहीं मिलेगा। IPO से मिलने वाली पूरी राशि प्रमोटर कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के पास जाएगी। यह निवेशकों के लिए सीधे लाभ का अवसर है, जबकि बीसीसीएल अपने वर्तमान शेयरहोल्डर संरचना को बनाए रखेगी।
कोल इंडिया के पास BCCL की हिस्सेदारी और आईपीओ का असर
आईपीओ से पहले कोल इंडिया लिमिटेड के पास बीसीसीएल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। आईपीओ के बाद यह हिस्सेदारी घटकर 90 प्रतिशत रह जाएगी। यह बदलाव केवल मालिकाना हक से जुड़ा है और कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर पर कोई असर नहीं पड़ेगा, यानी बीसीसीएल में नया पैसा नहीं आएगा। इस पब्लिक इश्यू का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 600 शेयरों के लिए अनिवार्य है, यानी ऊपरी प्राइस के हिसाब से करीब 13,800 रुपये का निवेश करना होगा।
ब्रोकरेज फर्मों की राय: BCCL आईपीओ पर नजर
ब्रोकरेज फर्म SBI Securities के मुताबिक, बीसीसीएल ने पिछले कुछ सालों में अपने फाइनेंशियल प्रदर्शन में लगातार सुधार दिखाया है। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच कंपनी की आय, मुनाफा और ऑपरेटिंग कमाई में लगातार वृद्धि हुई है। कंपनी कोल वॉशरी क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है, जिससे मौजूदा 13.65 मिलियन टन सालाना क्षमता को बढ़ाकर 20.65 मिलियन टन सालाना किया जाएगा। इसके लिए नई वॉशरी बनाई जाएंगी और मौजूदा मूनिडीह वॉशरी का विस्तार किया जाएगा
SBI Securities का मानना है कि 23 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर भी कंपनी का वैल्यूएशन उचित है और इसी वजह से उसने इस आईपीओ में निवेश की सिफारिश दी है। वहीं, Anand Rathi Research के अनुसार, बीसीसीएल की बाजार में मजबूत पकड़ और भरोसेमंद रिकॉर्ड को देखते हुए यह आईपीओ लिस्टिंग गेन के नजरिए से निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर हो सकता है।
BCCL का व्यवसाय और महत्व
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का मुख्य काम कोकिंग कोल का खनन करना है, जो स्टील निर्माण के लिए बेहद जरूरी कच्चा माल है। इसी वजह से बीसीसीएल की अहमियत देश के स्टील सेक्टर में काफी अधिक मानी जाती है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैला हुआ है, जहां यह झरिया और रानीगंज कोयला क्षेत्रों में खदानें चलाती है। इन क्षेत्रों में कंपनी के पास लगभग 288 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा का लीज़ क्षेत्र है। बीसीसीएल की मौजूदगी देश के बड़े कोयला बेल्ट में है और इसके प्रशासनिक और क्षेत्रीय कार्यालय धनबाद और कोलकाता में स्थित हैं





