Share Market में आज निवेशकों के डूबे 8.50 लाख करोड़ रुपए, ये सेक्टर्स बने 'काल'

Share Market Crash: शेयर मार्केट निवेशकों की खुशियां आज ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। सुबह शानदार शुरुआत के बाद मार्केट में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के 8.50 लाख करोड़ रुपए डूब गए।
शेयर बाजार के लिए मंगलवार बना 'अमंगल'
शेयर बाजार के लिए मंगलवार बना 'अमंगल'@ani_digital एक्स सोशल मीडिया।

नई दिल्ली, रफ्तार। शेयर मार्केट निवेशकों की खुशियां आज ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। सुबह शानदार शुरुआत के बाद मार्केट में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के 8.50 लाख करोड़ रुपए डूब गए। बीएसई सेंसेक्स आज के हाई लेवल से 1600 अंक नीचे गिरा। निफ्टी भी दिन के हाई लेवल से 500 अंक फिसला। जबकि, मिड कैप इंडेक्स में 2200 अंकों की गिरावट आई है। अभी सेंसेक्स 1030 अंक लुढ़क कर 79380 पर बंद हो गया। निफ्टी 343 अंक गिराकर 21226 पर बंद हुआ।

बीएसई मार्केट कैप 5.78 लाख करोड़ नीचे आया

बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 368.60 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। यह पिछले कारोबारी सत्र में 374.38 लाख करोड़ रुपए था। मतलब बीएसई मार्केट कैप 5.78 लाख करोड़ रुपए नीचे आ गया है।

बैंकिंग शेयरों में जबर्दस्त गिरावट

बाजार में बैंकिंग स्टॉक्स में जोरदार गिरावट रही। निफ्टी का बैंकिंग स्टॉक्स का इंडेक्स बैंक निफ्टी 918 अंक गिरकर 919 अंकों पर कारोबार कर रहा। निफ्टी बैंक के 12 शेयरों में से 11 शेयर लुढ़के हैं। सिर्फ आईसीआईसीआई बैंक के स्टॉक में बढ़त दिख रही है। एफएमसीजी और एनर्जी स्टॉक्स में भी भारी गिरावट है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, मेटल्स, ऑटो स्टॉक्स में भी मुनाफावसूली निवेश कर रहे हैं।

सबसे बड़ी गिरावट जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में

आज सबसे ज्यादा गिरावट जी एंटरटेनमेंट के शेयर में दर्ज हुई है। जी के शेयर 27.40 फीसदी गिरे हैं। ओबेरॉय रिएल्टी 8.95 फीसदी, आईआरसीटीसी 6.69 फीसदी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 6.61 फीसदी, आईडीएफसी 6.50 फीसदी, एमसीएक्स इंडिया 5.87 फीसदी गिरकर कारोबार कर रहा है। भेल 4.82 फीसदी, आईओसी 4.73 फीसदी गिरकर ट्रेड कर रहा है।

रेलवे के शेयरों में तेजी थमी

रेलवे से जुड़े शेयरों में जारी तेजी पर आज ब्रेक लग गई है। सभी रेलवे स्टॉक में निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। दूसरी सरकारी कंपनियों के शेयरों में भी बिकवाली है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.