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Monday, June 1, 2026
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Gold vs Bank FD: आपका पैसा सबसे ज्यादा कहां सेफ रहेगा? जानें फायदे और रिस्क

निवेश के बदलते दौर में सोना और बैंक एफडी दोनों ही सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में सुरक्षा, रिटर्न और जोखिम के लिहाज से दोनों के अपने-अपने फायदे और सीमाएं हैं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बीते कुछ वर्षों में देश के आम निवेशकों की सोच और निवेश का तरीका तेजी से बदला है। एक समय था, जब ज्यादातर लोग बैंक एफडी और डाकघर की योजनाओं को ही सबसे सुरक्षित मानते थे। लेकिन अब निवेशक सोना, चांदी, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मौजूदा आर्थिक और वैश्विक हालातों को देखते हुए सोना ज्यादा सुरक्षित है या बैंक एफडी?

भू-राजनीतिक तनाव में क्यों चमकता है सोना?

सोना सदियों से सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता रहा है। जब भी दुनिया के किसी हिस्से में युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता या आर्थिक संकट बढ़ता है, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाना शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि भू-राजनीतिक तनाव के समय सोने की मांग अचानक बढ़ जाती है और इसकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। सोना भले ही फिक्स और गारंटीड रिटर्न न देता हो, लेकिन लंबी अवधि में इसने महंगाई को मात दी है। जब करेंसी की वैल्यू गिरती है, तब सोने की कीमतों में उछाल आता है। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव भी काफी होता है, जो अल्पकालिक निवेशकों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

महंगाई के खिलाफ ढाल है सोना

लंबे समय में देखा जाए तो सोना निवेशकों की क्रयशक्ति को बनाए रखने में मदद करता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ सोने को पोर्टफोलियो में बैलेंस बनाने वाला एसेट मानते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोने से मुनाफा आमतौर पर लंबी अवधि में ही बेहतर मिलता है।

बैंक एफडी: भरोसे और स्थिरता का दूसरा नाम

बैंक एफडी आज भी देश के एक बड़े वर्ग के लिए सबसे भरोसेमंद निवेश विकल्प है। इसमें आप 7 दिनों से लेकर 10 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं और मैच्योरिटी पर तय और गारंटीड रिटर्न मिलता है। बैंक एफडी की सबसे बड़ी ताकत इसकी सुरक्षा है। भारत सरकार के नियमों के तहत बैंक में जमा 5 लाख रुपये तक की राशि पर बीमा सुरक्षा मिलती है। यानी अगर किसी वजह से बैंक दिवालिया हो जाता है, तो भी जमाकर्ता को 5 लाख रुपये तक की रकम सुरक्षित मिल जाती है।

एफडी में जोखिम कम, लेकिन रिटर्न भी सीमित

एफडी का जोखिम बेहद कम है, लेकिन रिटर्न भी सीमित रहता है। कई बार एफडी पर मिलने वाला ब्याज महंगाई से कम हो जाता है, जिससे असल रिटर्न घट जाता है। यही वजह है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए सिर्फ एफडी पर निर्भर रहना हमेशा फायदेमंद नहीं माना जाता।

आखिर किसमें ज्यादा सेफ है पैसा?

अगर पूरी सुरक्षा और स्थिर रिटर्न आपकी प्राथमिकता है, तो बैंक एफडी बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता से बचाव चाहते हैं और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं, तो सोना अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। असल में समझदारी इसी में है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोना और बैंक एफडी दोनों को संतुलित तरीके से शामिल करें, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर रिटर्न भी मिल सके।

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