नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। भारतीय बाजार में नकली नोटों को लेकर चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। Reserve Bank of India (RBI) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 500 रुपये के फर्जी नोटों की संख्या में पिछले साल की तुलना में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के बाद लोगों को नकली करेंसी की पहचान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार बैंकों और वित्तीय संस्थानों में बड़ी संख्या में नकली 500 रुपये के नोट पकड़े गए हैं। 500 रुपये का नोट देश में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले नोटों में शामिल है, इसलिए जालसाज भी इसी मूल्य वर्ग को ज्यादा निशाना बनाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक असली 500 रुपये के नोट में कई सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं। नोट को रोशनी के सामने रखने पर सिक्योरिटी थ्रेड दिखाई देता है। इसके अलावा महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तंभ का चिन्ह, देवनागरी में लिखा 500 और रंग बदलने वाली स्याही जैसे फीचर्स भी मौजूद होते हैं। नोट को थोड़ा झुकाने पर सिक्योरिटी स्ट्रिप का रंग हरे से नीला दिखाई देता है।
RBI ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी नोट को स्वीकार करने से पहले उसके प्रमुख सुरक्षा फीचर्स जरूर जांच लें। अगर किसी व्यक्ति को नकली नोट मिलने का संदेह हो तो उसे तुरंत नजदीकी बैंक शाखा या पुलिस को जानकारी देनी चाहिए। नकली नोट को दोबारा चलाने की कोशिश करना कानूनी परेशानी भी खड़ी कर सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद नकद लेनदेन अभी भी बड़े स्तर पर होता है। ऐसे में लोगों को नकली नोटों की पहचान की जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि वे आर्थिक नुकसान और धोखाधड़ी से बच सकें।





