नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देशभर में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों ने 30 मई को भी पुराने रेट ही जारी रखे हैं। हालांकि 25 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है।
सरकार ने कहा- ईंधन की कोई कमी नहीं
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। तेल मंत्रालय के मुताबिक भारत की 22 रिफाइनरियां घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी कर रही हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि सब्सिडी वाले ईंधन का इस्तेमाल केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही करें।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
शहर पेट्रोल (रु./लीटर) डीजल (रु./लीटर)
दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.18 97.83
कोलकाता 113.47 99.82
चेन्नई 107.77 99.55
बेंगलुरु 110.93 98.80
पटना 113.35 99.36
लखनऊ 102.05 95.55
जयपुर 112.66 97.78
पोर्ट ब्लेयर 88.66 84.56
सोने की मांग में 70 फीसदी तक गिरावट
सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने के बाद बाजार में सोने की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में सोने की मांग घटकर केवल 7.5 टन रह गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 25 टन थी।
महंगा हुआ सोना, बढ़ा टैक्स का बोझ
इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने पर लगने वाला कुल प्रभावी टैक्स 9.18 फीसदी से बढ़कर 18.45 फीसदी हो गया है। इसका सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ा है। मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना करीब 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। इस कीमत में GST शामिल नहीं है।
मोदी की अपील का भी दिखा असर
ज्वैलरी कारोबारियों का कहना है कि सोने की मांग घटने के पीछे केवल बढ़ी हुई ड्यूटी ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से कुछ समय तक परहेज करने की अपील का भी असर पड़ा है। जॉयलुक्कास के चेयरमैन जॉय अलुक्कास के मुताबिक उनकी कंपनी में सोने की मांग 35 फीसदी से ज्यादा कम हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक मास (मलमास) के चलते भी लोग सोना खरीदने से बच रहे हैं। इस दौरान कई लोग नई और महंगी वस्तुएं खरीदने से परहेज करते हैं।
सोने से जुड़े बड़े अपडेट
सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% की गई। प्रभावी टैक्स 9.18% से बढ़कर 18.45% हुआ। दो हफ्तों में मांग 25 टन से घटकर 7.5 टन रह गई। पेट्रोल-डीजल और महंगाई बढ़ने से भी खरीदारी प्रभावित हुई। भारत में सालाना सोने की खपत 800 से 850 टन के बीच है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और सोने पर बढ़े आयात शुल्क का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे रहा है। जहां ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं, वहीं सोने की मांग में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और सरकारी नीतियां दोनों बाजार की दिशा तय करेंगी।





