नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) में कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाता सबसे मजबूत वित्तीय सुरक्षा देता है। हालांकि, अधिकांश लोग अनजाने में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जो न केवल आपके EPF बैलेंस को कम करती हैं, बल्कि जरूरत के समय आपको पैसों से वंचित भी कर सकती हैं। इन गलतियों को सुधारकर आप अपनी रिटायरमेंट को और भी सुरक्षित बना सकते हैं।आज हम आपको उन 5 आम गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे बचकर आप अपने EPF खाते में अधिकतम रकम जोड़ सकते हैं।
1. नॉमिनी को अपडेट न करना: परिवार के लिए सबसे बड़ी मुश्किल
EPF खाता खोलते समय या नौकरी बदलने पर नॉमिनी की जानकारी अपडेट न करना एक बड़ी गलती है। खाते के मालिक का असामयिक निधन होने पर, नॉमिनी के बिना परिवार को पैसा निकालने में सालों लग जाते हैं और क्लेम प्रक्रिया अधूरी रह जाती है।
ऐसे में क्या करें: तुरंत अपने EPF खाते में लॉग इन करें और नॉमिनी की डिटेल्स को सही और अपडेटेड रखें। यह प्रक्रिया ऑनलाइन बहुत आसान है।
2. मल्टीपल खातों को मर्ज न करना: ब्याज का बड़ा नुकसान
नौकरी बदलने पर कई लोग पुराने EPF खाते को नए खाते में ट्रांसफर करना भूल जाते हैं। इससे एक से अधिक खाते हो जाते हैं, जिन पर अलग-अलग ब्याज कैलकुलेट होता है। इतना ही नहीं, कुछ निष्क्रिय खातों पर एक तय समय के बाद ब्याज मिलना बंद हो सकता है, जिससे आपको बड़ा वित्तीय नुकसान होता है।
क्या करें: नौकरी बदलते ही, पुराने EPF अकाउंट को नए अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर (मर्ज) करवाएं। EPFO की वेबसाइट पर यह सुविधा आसानी से उपलब्ध है।
3. UAN को एक्टिवेट न करना: सुविधाओं से वंचित
आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) वह चाबी है जो आपको EPF से जुड़ी सभी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करती है। इसे एक्टिवेट न करने का मतलब है कि आप ऑनलाइन बैलेंस जांच, विड्रॉल रिक्वेस्ट या ट्रांसफर जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
क्या करें: UAN मिलते ही उसे EPFO पोर्टल पर जाकर एक्टिवेट करें, ताकि आप अपने फंड पर पूरा नियंत्रण रख सकें।
4. गलत KYC या बैंक विवरण देना: निकासी पर ‘ताला’
EPF खाते से पैसा निकालने के लिए सही बैंक विवरण और पूरी KYC (आधार, पैन या बैंक डिटेल्स) का सत्यापित होना अनिवार्य है। गलत IFSC कोड या अधूरी KYC के कारण आपकी निकासी रिक्वेस्ट अटक सकती है, और जरूरत के समय आपको पैसा नहीं मिल पाएगा।
क्या करें: अपनी सभी KYC डिटेल्स को अपडेट और सत्यापित करें। बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड को दोबारा जांचें और उन्हें EPF खाते से लिंक करें।
5. पासबुक नियमित रूप से चेक न करना: अनदेखी का बड़ा खामियाजा
EPF पासबुक को नियमित रूप से न देखना एक बड़ी गलती है। पासबुक चेक न करने से आपको पता नहीं चलता कि आपके खाते में कितना पैसा जमा हो रहा है, नियोक्ता द्वारा योगदान सही है या नहीं, और कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही है। यदि कोई विसंगति होती है, तो उसे समय पर ठीक कराना मुश्किल हो जाता है।
क्या करें: हर महीने या कम से कम हर तीन महीने में अपनी EPF पासबुक जरूर चेक करें। किसी भी गड़बड़ी को तुरंत अपने नियोक्ता या EPFO के ध्यान में लाएं।
(नोट: यह खबर केवल सामान्य जानकारी पर आधारित है। अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, तुरंत अपने EPF खाते की जांच करें और सभी त्रुटियों को सुधारें।)




