नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के आने से अडाणी समूह के शेयरों में बहुत तेजी से गिरावट आई है। इस गिरावट से उबरने के लिए अडाणी समूह ने नए प्लान तैयार किया है। अडाणी समूह ने अपने 2 कंपनियों के शेयर बेचने के लिए सोच रही है। इसके करने से ग्रुपको हुए नुकसान से भरपाई में राहत मिलेगी। अडाणी का निर्णय कंपनी को पिछले कुछ महीने में हुए नुकसान को कंट्रोल करने की सोच है।
दो कंपनियों के शेयर बेचा
कारोबारी गौतम अडाणी का अडाणी समूह अपनी दो कंपनियों के शेयर बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाएगा। अमेरिकी शोध कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा धोखाधड़ी के आरोपों के बाद भारी नुकसान झेलने वाले अडानी समूह के इस फैसले को काफी जोखिम भरा माना जा रहा है।
शेयरों की बिक्री से करीब 21,000 करोड़ रुपए मिलेंगे
अडानी ग्रुप ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि उसे अपनी दो कंपनियों के शेयरों की बिक्री से करीब 21,000 करोड़ रुपए मिलेंगे। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने 12,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है, जबकि अदानी ट्रांसमिशन, एक अन्य कंपनी, शेष 8,500 करोड़ रुपये जुटाएगी। अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया।
निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई
समूह की नवीकरणीय ऊर्जा शाखा, अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के निदेशक मंडल की भी आज बैठक होनी थी ताकि धन जुटाया जा सके, लेकिन बैठक को 24 मई के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। योग्य संस्थागत खरीदारों को शेयर जारी करके धन जुटाया जाता है। स्थिति से परिचित सूत्रों ने कहा कि यूरोप और मध्य पूर्व के निवेशकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई।




