नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने को लेकर राजनीति तेज हो गई है। Chandrashekhar Azad ने पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर योगी सरकार को घेरा है और जल्द चुनाव कराने की मांग की है।
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है और चुनाव में देरी से गांवों के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि राज्य सरकार समय पर पंचायत चुनाव कराने में असफल रही है। उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बताया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर चुनाव नहीं हुए तो पंचायतों में विकास कार्य रुक सकते हैं और जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासक नियुक्त करने की मंशा का आरोप
नगीना सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक चुनाव की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करना चाहती है, ताकि अपने समर्थित लोगों के जरिए पंचायत व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
OBC आरक्षण का भी उठाया मुद्दा
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने 6 फरवरी को पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar को पत्र लिखकर पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के संवैधानिक आरक्षण को जल्द सुनिश्चित करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि सरकार को निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाना चाहिए, ताकि गांवों में विकास कार्य लगातार चलते रहें और जनता के जनादेश का सम्मान हो।
26 मई को खत्म हो रहा पंचायतों का कार्यकाल
उत्तर प्रदेश में मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब समय पर चुनाव कराना सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है। वहीं विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बना रहा है।





