नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के Aligarh में बकरीद को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। यहां एक मौलाना ने ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के मौके पर नमाज के लिए ट्रैफिक फ्री सड़क की मांग की है। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस शुरू हो गई है। मौलाना का कहना है कि बकरीद के दिन बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए निकलते हैं, ऐसे में कुछ समय के लिए सड़कों को ट्रैफिक मुक्त किया जाना चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो।
नमाज के दौरान सुविधा की मांग
मौलाना ने कहा कि त्योहार के दिन लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। उनका कहना है कि ईदगाह और मस्जिदों के आसपास भारी भीड़ रहती है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में कुछ घंटों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन या सड़क खाली रखने से लोगों को राहत मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे बड़े आयोजनों में भी प्रशासन विशेष व्यवस्था करता है, इसलिए बकरीद पर भी ऐसा किया जाना चाहिए।
बयान पर शुरू हुई राजनीति
मौलाना के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आयोजन के लिए सामान्य प्रशासनिक मांग बताया, जबकि विरोध करने वालों का कहना है कि आम जनता को परेशानी में डालकर सड़कें खाली नहीं कराई जानी चाहिए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। हालांकि बकरीद को देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारियां जरूर शुरू कर दी गई हैं।





